नई दिल्ली: शुक्रवार शाम त्रिची से सिंगापुर के लिए रवाना हुई इंडिगो की एक फ्लाइट को तकनीकी समस्या के कारण अपनी यात्रा बीच में ही रोकनी पड़ी. विमान ने शाम करीब 6.40 बजे त्रिची इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी. कुछ ही देर बाद पायलटों को विमान में गड़बड़ी का पता चला. इसके बाद उन्होंने त्रिची एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया. विमान में उस समय कुल 127 यात्री सवार थे.
तकनीकी समस्या सामने आने के बाद विमान को तुरंत वापस त्रिची लाने की तैयारी शुरू हुई. हालांकि, आपात लैंडिंग से पहले विमान को करीब ढाई घंटे तक आसमान में उड़ते रहना पड़ा. पायलटों ने सुरक्षा प्रक्रिया के तहत विमान का अतिरिक्त ईंधन कम किया. इस दौरान एयरपोर्ट प्रशासन और एटीसी लगातार पायलटों के संपर्क में रहे. जमीन पर भी आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखा गया, ताकि लैंडिंग के समय किसी तरह की परेशानी न हो.
शाम करीब 6.40 बजे इंडिगो का विमान त्रिची एयरपोर्ट से सिंगापुर के लिए रवाना हुआ. उड़ान के कुछ ही समय बाद पायलटों को तकनीकी खराबी का एहसास हुआ. स्थिति को देखते हुए उन्होंने त्रिची एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और विमान को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी. इस घटना के बाद यात्रियों को लेकर विमान की सुरक्षित वापसी पर पूरा ध्यान दिया गया.
आपात लैंडिंग से पहले विमान का वजन और उसमें मौजूद अतिरिक्त ईंधन कम करना जरूरी होता है. इसी सुरक्षा प्रक्रिया के तहत पायलटों ने विमान को हवा में चक्कर लगाते हुए उड़ाया. इसका मकसद अतिरिक्त ईंधन कम करना था, ताकि विमान का वजन घटाया जा सके और सुरक्षित तरीके से लैंडिंग कराई जा सके. इसी वजह से विमान करीब ढाई घंटे तक त्रिची के आसमान में मंडराता रहा.
त्रिची एयरपोर्ट के डायरेक्टर गोपालकृष्णन के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया के दौरान एयरपोर्ट अधिकारी और एटीसी पायलटों के लगातार संपर्क में थे. विमान की वापसी को देखते हुए जमीन पर आपातकालीन सेवाओं और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए. करीब ढाई घंटे बाद रात लगभग 9 बजे विमान ने त्रिची एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की. सभी 127 यात्री सुरक्षित रहे और किसी अनहोनी की जानकारी सामने नहीं आई.
सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों की आगे की यात्रा को लेकर भी इंतजाम किया गया. प्रभावित यात्रियों को उनकी मंजिल सिंगापुर तक पहुंचाने के लिए तुरंत एक दूसरे वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई. हालांकि, इंडिगो की ओर से विमान में आई तकनीकी खराबी की सटीक वजह के बारे में जानकारी नहीं दी गई. यात्रियों को सुरक्षित उतारने के बाद आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना प्राथमिकता रही.
इंडिगो की फ्लाइट में तकनीकी समस्या का यह मामला लगातार दूसरे दिन सामने आया है. इससे एक दिन पहले गुरुवार, 20 अगस्त को दिल्ली से मंगलुरु जा रही इंडिगो की उड़ान में भी रनवे पर टैक्सींग के दौरान तकनीकी खराबी आई थी. त्रिची की घटना में हालांकि विमान को उड़ान के बाद वापस लाना पड़ा और करीब ढाई घंटे तक हवा में रखने के बाद सुरक्षित उतारा गया. दोनों घटनाओं के बीच तकनीकी खराबी का तथ्य सामने आया है.