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पासपोर्ट को लेकर भ्रम खत्म, विदेश मंत्रालय ने बताई कानूनी सच्चाई; जानें क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, बल्कि विदेश यात्रा के लिए जारी आधिकारिक दस्तावेज है. मंत्रालय के अनुसार, देश की 8 प्रतिशत से भी कम आबादी के पास भारतीय पासपोर्ट है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: भारतीय पासपोर्ट को लेकर चल रही बहस के बीच विदेश मंत्रालय ने इसकी कानूनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य भारतीय नागरिकों की विदेश यात्रा को अधिकृत करना है, न कि नागरिकता का प्रमाण देना. मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत की कुल आबादी में 8 प्रतिशत से भी कम लोगों के पास पासपोर्ट है. यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पासपोर्ट की वैधता पर चर्चा तेज है.

पासपोर्ट का उद्देश्य क्या है?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारतीय पासपोर्ट पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज है. इसका उद्देश्य भारतीय नागरिकों की विदेश यात्रा और देश से बाहर जाने की प्रक्रिया को कानूनी रूप से नियंत्रित करना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट को नागरिकता प्रमाण पत्र के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. मंत्रालय ने कहा कि प्रत्येक पासपोर्ट जारी करने से पहले निर्धारित नियमों के अनुसार सभी आवश्यक सत्यापन पूरे किए जाते हैं और पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में होती है.

देश में कितने लोगों के पास है पासपोर्ट?

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत की कुल आबादी में 8 प्रतिशत से भी कम लोगों के पास भारतीय पासपोर्ट है. इससे यह स्पष्ट होता है कि देश के अधिकांश नागरिकों के पास यह दस्तावेज उपलब्ध नहीं है. मंत्रालय ने दोहराया कि पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया पासपोर्ट नियम, 1980 और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार पूरी की जाती है. हर आवेदन का सत्यापन करने के बाद ही पासपोर्ट जारी किया जाता है, जिससे दस्तावेज की विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है.


क्यों शुरू हुई यह बहस?

यह मुद्दा उस समय चर्चा में आया जब 24 जून को आयोजित पासपोर्ट सेवा दिवस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों से पूछा गया कि क्या पासपोर्ट को नागरिकता के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह सवाल कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के संदर्भ में उठाया गया था. अधिकारियों ने तब भी स्पष्ट किया था कि पासपोर्ट का उद्देश्य केवल भारतीय नागरिकों को विदेशों में यात्रा की सुविधा देना है. अब विदेश मंत्रालय ने दोबारा साफ कर दिया है कि पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज है और इसकी कानूनी भूमिका उसी दायरे तक सीमित है.