स्पेस स्टेशन जाएगा भारतीय एस्ट्रोनॉट! ISRO-NASA ने बनाया प्लान, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया खुलासा

भारत का एस्ट्रोनॉट अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा पर जाएगा. इसके लिए ISRO-NASA ने प्लान बना लिया है. बुधवार को निचले सदन में एक लिखित जवाब में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISS के लिए इसरो-नासा संयुक्त मिशन पर काम कर रही है.

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भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा पर जाएंगे. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में इसकी जानकारी दी है. इसरो से एक गगनयात्री अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की अंतरिक्ष यात्रा करेगा.  बुधवार को एक लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि इसरो ISS के लिए ISRO-NASA संयुक्त मिशन पर काम कर रहा है, जिसमें  ISRO से एक गगनयात्री ISS की यात्रा करेगा. 

इस संयुक्त प्रयास में ISRO, NASA और NASA द्वारा पहचानी गई निजी इकाई Axiom Space शामिल है. अंतरिक्ष मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा को बताया कि “इसरो से एक गगनयात्री अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की अंतरिक्ष यात्रा करेगा. 

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दी जानकारी

बुधवार को निचले सदन में एक लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISS के लिए इसरो-नासा संयुक्त मिशन पर काम कर रही है, जिसमें इसरो से एक गगनयात्री ISS के लिए अंतरिक्ष यात्रा करेगा. यह इसरो, नासा और नासा द्वारा पहचानी गई निजी संस्था यानी एक्सिओम स्पेस का एक संयुक्त प्रयास है. हाल ही में, इसरो ने ISS के लिए इस संयुक्त मिशन के लिए एक्सिओम स्पेस के साथ एक अंतरिक्ष उड़ान समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

नासा में ट्रेनिंग लेंगे एस्ट्रोनॉट्स

यह जवाब तृणमूल कांग्रेस के विधायक सौगत रॉय के लोकसभा प्रश्न पर आया, जिसमें उन्होंने 'एक्सिओम-4 मिशन', अंतरिक्ष यात्रियों और गगनयान मिशन के बारे में पूछा था. नासा ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी और एक्सिओम स्पेस ने आईएसएस के लिए चौथे निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन के लिए एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे फ्लोरिडा में एजेंसी के कैनेडी स्पेस सेंटर से अगस्त 2024 से पहले लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है. आईएसएस मिशन के लिए गगनयात्री चार भारतीय वायुसेना पायलटों में से एक होंगे, जिन्हें गगनयान मिशन के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है.

इसरो द्वारा गठित अंतरिक्ष यात्री चयन बोर्ड ने पहले भारतीय वायुसेना के परीक्षण पायलटों के एक समूह से चार अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया था. सभी चार अंतरिक्ष यात्रियों ने रूस में प्रशिक्षण लिया था. मंत्री ने बताया कि वर्तमान में भारतीय अंतरिक्ष यात्री गगनयान मिशन के लिए बेंगलुरु में इसरो के अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण सुविधा में प्रशिक्षण ले रहे हैं. 

गगनयान मिशन क्या है? 

गगनयान इसरो का बड़ा मिशन है, जिसमें तीन सदस्यों के चालक दल को तीन दिन के लिए स्पेस में भेजा जाएगा.  मिशन में 400 कि.मी. की कक्षा में प्रक्षेपित करके और उन्हें भारतीय समुद्री जल में उतारकर सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाकर मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता के प्रदर्शन की परिकल्पना की गई है।