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Karwa Chauth Vrat Paran: करवा चौथ की रात बादलों के बीच छिपा है चांद? ऐसे करें पारण

बादलों के कारण चांद न दिखे तो भी घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ परिवारों में चंद्रोदय का समय देखकर पूजा पूरी की जाती है.

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Edited By: Reepu Kumari
Karwa Chauth Vrat Paran: करवा चौथ की रात बादलों के बीच छिपा है चांद? ऐसे करें पारण
Courtesy: Pinterest

Karwa Chauth Vrat Paran: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं की आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक है. सुबह से बिना अन्न जल के रहकर वे शाम को चांद निकलने की राह देखती हैं. चंद्रमा को अर्घ्य देने और पति के हाथ से जल ग्रहण करने के बाद ही उनका व्रत पूरा माना जाता है. लेकिन बारिश, बादल या खराब मौसम कई बार इस इंतजार को लंबा कर देता है. तब मन में सवाल उठता है कि जब चांद दिखे ही नहीं, तो पारण कैसे हो? क्या भूखे प्यासे बैठे रहना जरूरी है? 

पहले देखिए, चांद निकला है या नहीं

आसमान में बादल हों, तो सबसे पहले अपने शहर का चंद्रोदय समय पता कर लें. कई बार चंद्रमा निकल चुका होता है, बस घने बादल उसे ढक लेते हैं. ऐसे में थोड़ी देर किसी खुली जगह, जैसे छत या बालकनी से आसमान को निहारना ठीक रहता है. इसके बाद भी चांद न दिखे, तो घबराएं नहीं और अपने परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा की अगली विधि पूरी करें.

चंद्र दिशा की ओर जल अर्पण

कुछ परिवारों में तय समय के बाद चंद्रमा की दिशा में मुख करके अर्घ्य देने की रीति निभाई जाती है. इसके लिए लोटे में जल लेकर चंद्रदेव का स्मरण किया जाता है. फिर पति की लंबी उम्र और घर की खुशहाली की प्रार्थना की जाती है. 

महादेव के मस्तक पर सजे चंद्र का ध्यान

धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं. इसी आस्था के कारण कई लोग चांद न दिखने पर शिव की प्रतिमा या तस्वीर के सामने पूजा करते हैं और चंद्रदेव को याद करते हैं. इसके बाद परिवार में चली आ रही विधि से पारण किया जाता है. हालांकि इसे सभी परंपराओं में मान्य इकलौता रास्ता नहीं समझना चाहिए.

चांदी का सिक्का बने चंद्रमा का प्रतीक

कुछ इलाकों में चांद न दिखने पर चावल से चंद्रमा की आकृति बनाई जाती है या चांदी के सिक्के को प्रतीक मानकर पूजा की जाती है. इस दौरान चंद्रदेव का ध्यान कर प्रार्थना होती है. यह एक प्रचलित विकल्प जरूर है, पर हर जगह की अनिवार्य शास्त्रीय विधि नहीं है. 

पारण के समय इन बातों का रखें ध्यान

चांद न दिखे तो घबराने के बजाय पहले स्थानीय चंद्रोदय का समय जांचें और परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा पूरी करें. अलग अलग क्षेत्रों में अलग तरीके चलते हैं, इसलिए किसी एक उपाय को सबके लिए जरूरी बताना ठीक नहीं. कमजोरी या चक्कर महसूस हो, तो सिर्फ चांद के इंतजार में सेहत की अनदेखी न करें. गर्भवती महिलाएं, बीमार और नियमित दवा लेने वाले लोग डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.  theindiadaily.com इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है.