भारत-अमेरिका व्यापार पर फिर से चर्चा शुरू! जयशंकर और रुबियो ने इन मुद्दों पर की बातचीत

भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव अब सुधरता नजर आ रहा है. अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की है.

ANI
Shanu Sharma

नई दिल्ली: अमेरिका-भारत के बीच व्यापारिक रिश्ते पिछले कुछ दिनों से सही नहीं है. रूस के साथ व्यापार जारी रखने की वजह से अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था. जिसके बाद से एक फिर मंगलवार को अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की. 

जयशंकर ने बताया कि इस कॉल के दौरान व्यापार, रक्षा और सुरक्षा में सहयोग पर चर्चा की गई. दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह फोन पर बातचीत अमेरिकी राजदूत-नामित सर्जियो गोर के इस ऐलान के एक दिन बाद हुई. सर्जियों ने कहा था कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और व्यापार पर अगली बातचीत मंगलवार को होगी.

इन मुद्दों पर हुई बातचीत

विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि अभी-अभी मार्को रूबियो के साथ एक अच्छी बातचीत खत्म हुई. इस दौरान व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इन मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमत हुए.  अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने कहा कि रूबियो और जयशंकर ने चल रहे द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने में उनकी साझा रुचि" पर चर्चा की.

अमेरिकी राजदूत ने दी थी जानकारी 

अमेरिकी राजदूत का पदभार ग्रहण करने के बाद गोर ने सोशल मीडिया पर कहा कि रूबियो की जयशंकर के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है. दोनों नेताओं ने हमारे द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं, महत्वपूर्ण खनिजों और अगले महीने संभावित बैठक के संबंध में अगले कदमों पर चर्चा की. पिगोट के अनुसार, रूबियो ने भारत को सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (शांति) कानून लागू करने पर बधाई दी और इस महत्वपूर्ण विकास का लाभ उठाकर अमेरिका-भारत नागरिक परमाणु सहयोग को बढ़ाने, अमेरिकी कंपनियों के लिए अवसरों का विस्तार करने में रुचि व्यक्त की.

भारत-अमेरिका संबंध लगभग दो दशकों में ऐसे तनाव से जूझ रहे हैं, जो पहले नहीं देखा गया था. कई दौरे के बातचीत के बाद भी भारत और अमेरिका के बीच समझौता नहीं हो पाया. रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कॉल नहीं किया था, जिसकी वजह से डील नहीं हो पाई थी. हालांकि अब शायद संबंध सुधर सकते हैं.