PoJK चुनाव पर भारत का पाकिस्तान पर हमला, कहा- गोलियां चलाकर जनता का कर रहे दमन

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में चुनाव के बीच हिंसा और विरोध जारी है. भारत ने पाकिस्तान पर जनता का दमन करने का आरोप लगाया और कहा कि यह चुनाव नहीं, बल्कि दुनिया को गुमराह करने की कोशिश है.

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Ashutosh Rai

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में दो विधानसभा सीटों पर मतदान के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. भारत ने इस चुनावी प्रक्रिया को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है और कहा है कि वहां जनता की आवाज को बल प्रयोग और दमन के जरिए दबाया जा रहा है.

भारत ने चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हो रहे चुनावों को लेकर साफ कहा है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि दिखावे की कवायद है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान दुनिया का ध्यान असली हालात से हटाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है लेकिन पाकिस्तान सरकार उसका जवाब बातचीत से नहीं, बल्कि हिंसा, धमकी, संचार बंद करने और गोलीबारी के जरिए दे रही है. भारत का कहना है कि इस पूरे मामले में पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.

वोटिंग के बीच कई इलाकों में बढ़ा तनाव

PoJK में दो विधानसभा सीटों पर मतदान पहले 2 अगस्त को होना था लेकिन भारी विरोध, सड़क जाम और आगजनी के कारण इसे टाल दिया गया था. अब मुजफ्फराबाद-1 के सभी मतदान केंद्रों और मुजफ्फराबाद-2 के 52 केंद्रों पर सुबह 8 बजे से वोटिंग कराई जा रही है. इसके बावजूद कई इलाकों में हालात सामान्य नहीं हैं. बाग में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की खबरें आई हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की. वहीं, मुजफ्फराबाद में भी सादे कपड़ों में मौजूद सुरक्षा कर्मियों द्वारा गोली चलाने के दावे सामने आए हैं.


प्रदर्शन और सुरक्षा कार्रवाई पर बढ़ी चिंता

चुनाव से पहले 3 अगस्त की शाम कहोरी पुल इलाके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुआ था. प्रदर्शन के दौरान आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई. भारत का दावा है कि जून 2026 से अब तक पाकिस्तान की कार्रवाई में कम से कम 90 नागरिकों की मौत हो चुकी है. भारत का कहना है कि लोगों में बढ़ते असंतोष को दबाने के लिए लगातार बल प्रयोग किया जा रहा है. वहीं, चुनाव के दौरान भी विरोध की घटनाओं ने यह दिखा दिया कि क्षेत्र में हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं.