जलालाबाद में 2027 चुनाव की तैयारी जोरों पर, विकास और समस्याओं पर सियासी घमासान

फिरोजपुर जिले के जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नेता सक्रिय हो गए हैं.

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Punjab assembly election: फिरोजपुर जिले के जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नेता सक्रिय हो गए हैं. सभी दल जिताऊ उम्मीदवार की तलाश में जुटे हुए हैं और जनता से संपर्क बढ़ा रहे हैं.

जलालाबाद में 2027 चुनाव की तैयारी जोरों पर

इस हलके में बुनियादी सुविधाओं की कमी सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है. सीवरेज व्यवस्था की खराब हालत के कारण कई गलियों में गंदा पानी जमा रहता है. शुद्ध पीने के पानी की भी भारी किल्लत है. लोग इन समस्याओं से परेशान हैं और उम्मीद करते हैं कि नया विधायक इनका समाधान करेगा.

विकास और समस्याओं पर सियासी घमासान

आम आदमी पार्टी के मौजूदा विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी विकास कार्यों को पूरा कराने पर जोर दे रहे हैं. पार्टी में मोहिंदर सिंह कचुरा भी टिकट के दावेदार बताए जा रहे हैं. शिरोमणि अकाली दल की ओर से सतिंदरजीत सिंह मंटा और डॉक्टर राज सिंह डिबीपुरा प्रमुख नाम हैं. कांग्रेस में पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला, पूर्व मंत्री हंसराज जोसन और राज बख्श कंबोज के नाम चर्चा में हैं. भाजपा की तरफ से जिला अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह काका कंबोज और पूरन सिंह मुजेदिया दावेदारों में शामिल हैं.


पिछले चुनावों के नतीजे इस क्षेत्र की सियासी तस्वीर साफ करते हैं. 2022 में जगदीप कंबोज गोल्डी ने 91,455 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. उन्हें 52.95 प्रतिशत वोट मिले थे. उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल को करीब 31 हजार वोटों के अंतर से हराया था. 2017 में सुखबीर सिंह बादल ने जीत हासिल की थी. उन्होंने आम आदमी पार्टी के भगवंत मान को 18,500 वोटों के अंतर से पराजित किया था. 2012 में भी बादल ने बड़ी जीत दर्ज की थी.

चारों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है. नेता विकास के दावे कर रहे हैं, लेकिन जनता अपनी समस्याओं का समाधान चाहती है. जलालाबाद में सीवरेज, पानी और सड़कों जैसे मुद्दे चुनाव का केंद्र बन सकते हैं.