मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव ने एक बार फिर से देश की सुरक्षा और सेना के महत्व के बारे में पूरी दुनिया को याद दिलाया है. ईरान जैसा छोटे देश दो महीने से अमेरिका जैसे सुपर पॉवर कंट्री को टक्कर दे रहा है. ऐसे में सभी देश अपनी-अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर काम कर रहे हैं. भारत भी इस क्षेत्र में काफी आगे आ चुका है.
दुनिया में सबसे ज्यादा सेना पर खर्च करने वाले देशों में पांचवां सबसे बड़ा देश भारत है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की ताजा रिपोर्ट मुताबिक भारत ने 2025 में रक्षा के क्षेत्र में 92.1 बिलियन डॉलर खर्च किए है. हालांकि भारत से आगे भी चार देश हैं जो अपनी सेना को मजबूत करने पर फोकस कर रही है.
भारत में 2025 में सेना और सुरक्षा पर खर्च किए गए बजट इसके पिछले साल के मुकाबले लगभग 9 प्रतिशत ज्यादा है. हालांकि भारत से भी कई गुना ज्यादा खर्च चीन, रूस और जर्मनी ने अपने देश की सेना पर किया है. भारत ने यह खरीदारी इसलिए भी शायद ज्यादा की क्योंकि इस दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर चल रहा था.
इस दौरान देश ने आपातकालीन खरीद की, ताकी आने वाले खतरों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा सके. हालांकि 2024 में भी सामने आए इस लिस्ट में भारत पांचवें नंबर पर था. इस समय भारत के चारों ओर खतरा है, जिसकी तैयारी मजबूत होनी जरूरी है.
भारत के एक ओर पाकिस्तान है तो दूसरी तरफ चीन, बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद वहां से भी अच्छे संबंध नहीं है. वहीं श्रीलंका अभी खुद मजबूत स्थिति में नजर नहीं आ रहा है. चीन ने श्रीलंका को कर्ज के बोझ से काफी दबा दिया है. ऐसे में भारत को किसी भी खतरे की तैयारी खुद ही करनी पड़ेगी. अगर अपने पड़ोसी देशों की बात करें तो चीन ने 2025 में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 336 बिलियन डॉलर लगाए हैं.
इसी के साथ वह इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है. उससे पहले चीन पहले नंबर पर खड़ा है. वहीं अगर पाकिस्तान की बात करें तो वहां भी हर साल सेना खर्च बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तान ने 2025 अपने खर्च को 11 प्रतिशत बढ़ाकर 11.9 बिलियन डॉलर कर दिया. SIPRI द्वारा ट्रैक किए गए इस लिस्ट में पाकिस्तान 31वें स्थान पर है. यूरोप और नाटो देशों में सेना के खर्च में भारी बढ़ोतरी देखी गई है.
भारत ने अपने देश के अंदर सुरक्षा हथियार बनाने शुरू कर दिए हैं. जिसके कारण हथियारों के आयात में 4 प्रतिशत की गिरावट आई है. हालांकि इसके बाद भी हमारा देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने इसकी अहमियत को समझा और इसके बाद फाइटर जेट, जंगी जहाज़ और पनडुब्बियां पर और भी ज्यादा खर्च करने शुरू कर दिए. कुल मिलाकर सभी देश अपनी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.