नए PNG कनेक्शन पर 500 की मुफ्त गैस, सिक्योरिटी फीस माफ; LPG किल्लत के बीच सरकार का बड़ा ऐलान
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीएनजी (PNG) विस्तार की बड़ी योजना घोषित की है. इसमें सुरक्षा शुल्क की माफी और मुफ्त गैस जैसे आकर्षक लाभ शामिल किए गए हैं.
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया के हालातों और वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर कमर कस ली है. पेट्रोलियम संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने घोषणा की है कि सरकार अब पीएनजी (PNG) के नेटवर्क को विस्तार देने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है. इस मिशन को सफल बनाने के लिए तेल कंपनियों ने सिक्योरिटी फीस माफ करने और नए ग्राहकों को विशेष वित्तीय प्रोत्साहन देने का फैसला लिया है.
सरकार पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) को हर घर तक पहुंचाने के लिए बेहद सक्रिय है. सुजाता शर्मा ने बताया कि तेल कंपनियों ने पीएनजी सप्लाई के लिए लगने वाली भारी सिक्योरिटी फीस को अब पूरी तरह खत्म कर दिया है. इसके अतिरिक्त, 31 मार्च तक नया कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को 500 रुपये तक की मुफ्त गैस दी जाएगी. यह कदम मध्यम वर्गीय परिवारों को पीएनजी की ओर आकर्षित करने और पर्यावरण अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है.
बुनियादी ढांचे के लिए 24 घंटे काम की अनुमति
दिल्ली में पाइपलाइन बिछाने के काम में तेजी लाने के लिए सरकार ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. अब पाइपलाइन बिछाने का काम दिन और रात, यानी चौबीसों घंटे किया जा सकेगा. इसके साथ ही, सड़कों की खुदाई के बाद होने वाली सड़क बहाली शुल्क को भी माफ कर दिया गया है. आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि समय-सीमा के भीतर अधिक से अधिक घरों को गैस नेटवर्क से जोड़ा जा सके. पिछले 25 दिनों में 2.5 लाख कनेक्शन जारी हो चुके हैं.
देश में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कोई कमी नहीं है, लेकिन कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार सख्त है. 24 मार्च को विभिन्न राज्यों में लगभग 2700 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 2000 अवैध सिलेंडर जब्त किए गए. सरकार ने साफ किया है कि जनता को अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए 26 राज्यों को 22 लाख टन कमर्शियल एलपीजी पहले ही आवंटित की जा चुकी है ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे.
ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल प्रगति
डिजिटल इंडिया अभियान के तहत एलपीजी रिफिल की बुकिंग में भारी उछाल आया है. हालिया आंकड़ों के अनुसार, लगभग 92 प्रतिशत बुकिंग अब ऑनलाइन माध्यमों से की जा रही है. इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि वितरण व्यवस्था भी सुव्यवस्थित हुई है. इसके अलावा, गरीब परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कल एक ही दिन में 30,000 पांच किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर बांटे गए हैं. यह ऊर्जा पहुंच को समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
रिफाइनिंग क्षमता और वैश्विक कूटनीति
वैश्विक तनाव के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को लेकर आश्वस्त है क्योंकि देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं. भारत के पास वर्तमान में 26 करोड़ टन की विशाल रिफाइनिंग क्षमता उपलब्ध है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत में समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर चर्चा हुई है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक नेताओं के साथ यह संवाद ऊर्जा सुरक्षा और शिपिंग लाइनों को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर जारी है.