भारत इस समय भीषण लू की चपेट में है. आलम ये है कि शुक्रवार (22 मई) को दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 97 अकेले भारत में दर्ज किए गए. लू ने देश के उत्तरी, मध्य और पूर्वी भाग को बुरी तरह जकड़ लिया है, जिससे दोपहर का तापमान 45 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है.
AQI के अनुसार, भारतीय समयानुसार दोपहर 2.50 बजे दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों की सूची में भारतीय शहरों का दबदबा रहा. ओडिशा का बालमगीर 48 डिग्री सेल्सियस के साथ भारत का सबसे गर्म स्थान बनकर उभरा.
इसके बाद बिहार का सासाराम (48 डिग्री सेल्सियस), उत्तर प्रदेश का वाराणसी (47 डिग्री सेल्सियस) सबसे गर्म शहर दर्ज किए गए. कई शहरों में उमस का स्तर 6 से 8 प्रतिशत के बीच रहा, जिससे हालात अत्यधिक गर्म श्रेमी में आ गए.
दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में केवल नेपाल के तीन शहर धनगढ़ी (23वें), नेपालगंज (34वें) और लुंबिनी संस्कृतिक (76वें) स्थान पर था, जहां तापमान 45 डिग्री से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. इसके अलावा बाकी सभी शहर भारत के थे.
इसके अलावा टॉप-100 गर्म शहरों में उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर 46 डिग्री के साथ 26वें, 46 डिग्री के साथ अयोध्या 32वें, 46 डिग्री के साथ पंजाब का पटियाला 42वें, 46 डिग्री के साथ तेलंगाना का बारंगल 55वें और 46 डिग्री के साथ उत्तराखंड का हरिद्वार 56वें स्थान पर था.
राजस्थान का श्री गंगानगर 45 डिग्री के साथ 62वें, मध्य प्रदेश का ग्वालियर 45 डिग्री के साथ 64वें, झारखंड का धनबाद 45 डिग्री के साथ 71वें, 45 डिग्री के साथ चंडीगढ़ 77वें, 44 डिग्री के साथ आगरा 90वें, राजस्थान का भरतपुर 44 डिग्री के साथ 97वें और मध्य प्रदेश का सिंगरौली 44 डिग्री सेल्सियस के साथ 100वें स्थान पर था.
मार्च से मध्य मई के बीच आंध्र प्रदेश में गर्मी से संबंधित बीमारियों के 300 से अधिक मामले सामने आए हैं. वहीं 1 मार्च से 19 मई के बीच आंध्र प्रदेश में लू के 325 मामले सामने आए, जिसमें से एक तिहाई मामले मई की शुरुआत में सामने आए हैं. राज्य प्रशासन ने लोगों को दोपहर 11 बचे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचने की सलाह दी है क्योंकि इस दौरान लू और तापमान अपने चरम पर होता है. भारत के मौसम विभाग ने 22 मई से 27 मई के बीच दिल्ली और उत्तर भारत के बड़े भाग में गंभीर लू चलने की चेतावनी जारी की है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक लू तब घोषित की जाती है जब मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों अधिकतम तापमान कम से कम 30 डिग्री सेल्सियस हो जाए और सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस ऊपर बना रहे या 45 डिग्री सेल्सियस को टच कर जाए.