IIT-Bombay छात्र की मौत पर कांग्रेस शमा मोहम्मद ने प्रोफेसर का किया समर्थन, ‘मानसिक रूप से मजबूत’ वाले बयान पर दी सफाई
IIT-Bombay छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला का समर्थन किया. उनके ‘हमारी पीढ़ी मानसिक रूप से मजबूत थी’ बयान पर विवाद हुआ, जिसके बाद उन्होंने सफाई दी.
IIT-Bombay में छात्र साहिल वाकोडे की मौत का मामला लगातार चर्चा में है. इसी बीच कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने परीक्षा में नकल पकड़े जाने पर शिक्षक की भूमिका का समर्थन करते हुए टिप्पणी की. उनके बयान पर सवाल उठे तो उन्होंने कहा कि उनकी बात का मकसद दलितों के खिलाफ टिप्पणी करना नहीं था.
‘हमारी पीढ़ी मानसिक रूप से मजबूत थी’ वाले बयान पर विवाद
शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर कोई छात्र परीक्षा में नकल करते पकड़ा जाता है तो निगरानी कर रहे शिक्षक को उसे रोकने और समझाने का अधिकार है. उन्होंने अपने बचपन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके समय में भी गलतियों पर शिक्षक और माता-पिता डांटते थे. इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी मानसिक रूप से मजबूत थी. साथ ही उन्होंने कॉलेजों में छात्रों की मदद के लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जरूरत बताई.
बयान पर सफाई, बोलीं- दलितों के खिलाफ नहीं कहा
बयान को लेकर आलोचना के बाद शमा मोहम्मद ने स्पष्टीकरण जारी किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने दलित समुदाय के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है और उनकी बात केवल परीक्षा में नकल से जुड़ी थी. उन्होंने कहा कि किसी छात्र के साथ जातिगत दुर्व्यवहार हुआ हो तो उसे संबंधित एससी/एसटी विभाग में शिकायत करनी चाहिए. उन्होंने यह भी दोहराया कि छात्रों की मानसिक सेहत के लिए संस्थानों में काउंसलिंग और सहायता व्यवस्था जरूरी है.
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साहिल वाकोडे की मौत के बाद IIT-B में विरोध
22 वर्षीय बीटेक छात्र साहिल वाकोडे 18 सितंबर को हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे. IIT-Bombay के मुताबिक, परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और ChatGPT के कथित इस्तेमाल को लेकर उनसे पूछताछ हुई थी और बाद में उन्हें काउंसलिंग के बाद जाने दिया गया था. परिवार ने संस्थागत और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है और जांच जारी है.
IIT-Bombay ने माफी मांगी, प्रोफेसर डूल्ला पर कार्रवाई
विरोध के बीच IIT-Bombay के निदेशक शिरीष केदारे ने छात्रों की 18 मांगों वाले चार्टर पर सहमति जताई. संस्थान ने साहिल की मौत को लेकर अपने पहले के बयान पर भी माफी मांगी और कहा कि घटना से जुड़े तथ्य अभी जांच के दायरे में हैं. प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला को उनके डीन पद से तत्काल निलंबित किया गया है, हालांकि वे प्रोफेसर और ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख बने रहेंगे. संस्थान ने निदेशक के इस्तीफे की खबरों को भी गलत बताया है.