अप्रैल महीना आधा गुजर चुका है. इसी के साथ देश के कई हिस्सों में लगातार गर्मी बढ़ती जा रही है. मौसभ विभाग की ओर से मध्य और पूर्व के कुछ इलाकों में हीटवेव की चेतावनी दी गई है. कई इलाकों में तापमान 40 से ऊपर पहुंच चुका है.
ग्लोबल वार्मिंग के कारण हीटवेव की अवधि और तीव्रता बढ़ती जा रही है, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सतर्कता बरतने की अपील की है.
भारत मौसम विभाग के अनुसार, विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में 18 अप्रैल तक लू चलने की संभावना है. ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में भी बढ़ते तापमान के साथ हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा राजस्थान, बिहार, झारखंड और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है. IMD ने अप्रैल से जून के बीच इन क्षेत्रों में लू के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने का अनुमान लगाया है. कुछ स्थानों पर तापमान 43-44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गया है.
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भीषण गर्मी ने खतरनाक रूप ले लिया है. अकोला और आसपास के इलाकों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंचने के साथ हीटस्ट्रोक का मामला सामने आया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक ऑटो ड्राइवर की संदिग्ध हीटस्ट्रोक से मौत हो गई. प्रारंभिक जांच में लू लगने को मौत का कारण माना जा रहा है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, हीटस्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या 104°F से अधिक हो जाता है और शरीर खुद को ठंडा करने में असमर्थ हो जाता है. यह स्थिति गंभीर है और जानलेवा भी साबित हो सकती है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने हीटस्ट्रोक से बचने के लिए सरल लेकिन प्रभावी सलाह दी है: