'सरकार हमेशा बातचीत के लिए तैयार', लद्दाख विवाद पर गृह मंत्रालय ने जारी किया बयान

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार लद्दाख से जुड़े सभी मुद्दों पर संवाद के लिए हमेशा तैयार है. मंत्रालय ने अब तक हुई वार्ताओं की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया है.

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Kuldeep Sharma

Home Ministry on Ladakh matters: गृह मंत्रालय ने लद्दाख मुद्दों को लेकर एक बयान जारी किया है. बयान में कहा है कि केंद्र सरकार हमेशा संवाद के लिए तैयार रही है और आगे भी रहेगी. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि एपेक्स बॉडी लेह (ABL) और करगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (KDA) के साथ उच्चस्तरीय समिति (HPC) के माध्यम से जो वार्ता तंत्र स्थापित किया गया है, उसने अब तक कई सकारात्मक नतीजे दिए हैं.

बयान में कहा गया है कि सरकार चाहती है कि लद्दाख से जुड़े सभी मसलों पर चर्चा और समाधान आपसी बातचीत के माध्यम से हो. इसके लिए HPC सहित किसी भी उपयुक्त मंच पर सरकार, ABL और KDA के साथ संवाद के लिए हमेशा तैयार है.

वार्ता के नतीजों का किया उल्लेख

गृह मंत्रालय ने अब तक की वार्ताओं के नतीजों का उल्लेख करते हुए बताया कि इन चर्चाओं से लद्दाख के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षण में बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों (LAHDCs) में महिलाओं को आरक्षण दिया गया है और स्थानीय भाषाओं को भी सुरक्षा प्रदान की गई है. मंत्रालय ने इसे लद्दाख के सामाजिक और सांस्कृतिक हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.

रोजगार के लिए सरकार ने उठाए हैं ठोस कदम

बयान में यह भी जानकारी दी गई कि केंद्र सरकार ने लद्दाख में युवाओं के लिए रोजगार सृजन की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं. इसी क्रम में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 1800 सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसे रोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

गृह मंत्रालय ने भरोसा जताया कि आगे भी बातचीत का सिलसिला जारी रहने से सकारात्मक और ठोस नतीजे सामने आएंगे. बयान में कहा गया, 'हमें विश्वास है कि सतत संवाद से निकट भविष्य में अपेक्षित परिणाम प्राप्त होंगे.' कुल मिलाकर केंद्र ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लद्दाख के लोगों की चिंताओं और मांगों को गंभीरता से सुना जा रहा है और सरकार बातचीत के जरिए ही उनका हल निकालने के लिए प्रतिबद्ध है.

 ABL ने सरकार से वार्ता तोड़ने की कही थी बात

गौरतलब है कि अपेक्स बॉडी लेह ने केंद्र सरकार के साथ होने वाली अगली बातचीत से हाथ खींच लिया है. अपेक्स बॉडी लेह और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने सितंबर 24 को सुरक्षा बलों की फायरिंग में चार लोगों की मौत और लगभग 90 लोगों के घायल होने की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है.