HMPV in Gujarat: गुजरात में HMPV केस मिलने के बाद बनाए गए आइसोलेशन वार्ड, सरकार ने जारी की एडवाइजरी
HMPV Case: गुजरात सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से छींकते समय अपना चेहरा ढकने, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने, फ्लू से संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखने, पर्याप्त नींद लेने और जितना संभव हो सके उतना पानी पीने तथा किसी भी श्वसन संबंधी समस्या के लिए डॉक्टर से संपर्क करने को कहा है.
HMPV in Gujarat: गुजरात में HMPV का एक मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार इससे निपटने के लिए तैयारी में जुट गई है. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि एहतियात के तौर पर गांधीनगर, अहमदाबाद और राजकोट के सिविल अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं.
दरअसल, अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती दो महीने के बच्चे में लगभग दो सप्ताह पहले HMPV संक्रमण पाया गया था, जिसके बाद राज्य सरकार सक्रिय हो गई है और अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बना रही है.
तीन प्रमुख अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी आपात स्थिति से निपटने के लिए गांधीनगर, अहमदाबाद और राजकोट के तीन प्रमुख सिविल अस्पतालों में 15-15 बिस्तरों वाले (कुल 45) आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं.
बयान में कहा गया है कि ये सभी वार्ड फिलहाल खाली हैं क्योंकि संदिग्ध (एचएमपीवी) संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है. सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने एक एडवाइजरी जारी कर सभी सरकारी अस्पतालों से (एचएमपीवी) मामलों को संभालने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा. विभाग की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि एचएमपी वायरस का पता लगाने में तेजी लाने के लिए आने वाले दिनों में अतिरिक्त परीक्षण किट खरीदे जाएंगे और इन अस्पतालों को वितरित किए जाएंगे.
15 बिस्तरों वाले 3 आइसोलेशन वार्ड
सिविल अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने कहा, "भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हमने अहमदाबाद सिविल अस्पताल में 15 बिस्तरों वाला आइसोलेशन वार्ड बनाया है. चूंकि इस संक्रमण के लिए कोई विशिष्ट टीका या दवा नहीं है, इसलिए रोगियों को उनके लक्षणों के अनुसार उपचार दिया जाएगा. हमारा स्टाफ किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. हमने जांच के लिए परीक्षण किट भी खरीदे हैं."
स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने सोमवार को कहा कि उनके विभाग ने 4 जनवरी को एक बैठक की और राज्य के मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारियों, सिविल सर्जनों, उप-जिला अस्पतालों के अधीक्षकों को वायरस से संबंधित मामलों पर पूरा ध्यान देने का निर्देश दिया.
इसके अलावा, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) नेटवर्क के मौजूदा आंकड़ों के आधार पर, देश में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) या गंभीर तीव्र श्वसन रोग (SARI) के मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है.
क्या है HMPV और इसके लक्षण
एचएमपीवी एक श्वसन रोग है, जो फ्लू या सर्दी जैसे लक्षण पैदा करता है, लेकिन इससे जोखिम बढ़ सकता है या ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसी अधिक गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं, विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों और प्रतिरक्षाविहीन लोगों के लिए अधिक खतरा है.