बगावत बर्दाश्त नहीं..! वोटिंग से पहले BJP ने पूर्व मंत्री को किया चलता, OBC नेता से भी किनारा

Himachal By-Election: भारतीय जनता पार्टी ने हिमाचल में 1 जून को होने वाले उपचुनाव की वोटिंग से पहले अपने दो नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से बेदखल कर दिया है. दोनों नेता पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे.

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India Daily Live

Himachal By-Election: लोकसभा चुनाव 2024 के बीच ही हिमाचल प्रदेश में की 6 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं. इनके लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है. 4 सीटों पर तो भाजपा अपनों को मनाने में सफल रही लेकिन 2 सीट पर उसके अपने कद्दावर नेता बागी हो गए हैं. अब इनकी बगावत पर पार्टी ने एक्शन लिया है और उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से चलता कर दिया है.

भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा और हिमाचल बीजेपी ओबीसी मोर्चा के उपाध्यक्ष राकेश चौधरी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है. इनमें से रामलाल मारकंडा लाहौल-स्पीति से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं. वहीं राकेश चौधरी आम आदमी पार्टी की टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि, इससे पहले पार्टी ने दोनों नेताओं को मनाने की कोशिश की थी.

अध्यक्ष ने जारी किया आदेश

हिमाचल बीजेपी अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने निष्कासन आदेश जारी किया है. आदेश में कहा गया है, "आप पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. ये अनुशासनहीनता है. इसलिए कार्रवाई करते हुए आपकी प्रारंभिक सदस्यता रद्द की जा रही है. आपको छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया जाता है:"

क्या है नाराजगी की वजह?

राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के 6 विधायकों ने पार्टी से बगावत पर BJP के पक्ष में वोट किया था. उन्हीं की विधायकी रद्द होने के कारण प्रदेश की 6 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं. अब भाजपा ने इन 6 नेताओं को वापस से विधानसभा का टिकट दे दिया है. यहीं मारकंडा और राकेश चौधरी की नाराजगी का कारण है.

कौन हैं 6 नेता

सुधीर शर्मा (धर्मशाला)
राजिंदर राणा (सुजानपुर)
रवि ठाकुर (लाहौल-स्पीति)
इंद्र दत्त लखनपाल (बड़सर)
चेतन्य शर्मा (गगरेट)
देविंदर कुमार भुट्टो (कुटलैहड़)

त्रिकोणीय हो गया है मुकाबला

डॉ. रामलाल मारकंडा के लाहौल स्पीति और धर्मशाला से राकेश चौधरी के चुनाव मैदान में आने के कारण BJP के लिए समस्या बढ़ गई है. इन नेताओं के मैदान में आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. डॉ. रामलाल मारकंडा का इलाके में खासा प्रभाव है. वहीं राकेश चौधरी का गद्दी समुदाय के वोटरों पर एक तरफा पकड़ है.