menu-icon
India Daily

'चुनाव का एक हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है...', CM हिमंत बिस्वा के विवादित वीडियो के खिलाफ दायर याचिका पर बोले CJI

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अक्सर चुनाव के समय ऐसे मामले सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाते हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही राजनीतिक लड़ाई का एक हिस्सा अदालत में लड़ा जाने लगता है.

Anuj
Edited By: Anuj
'चुनाव का एक हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है...', CM हिमंत बिस्वा के विवादित वीडियो के खिलाफ दायर याचिका पर बोले CJI
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से जुड़े एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद तेज हो गया है. इस मामले में सीपीआई और सीपीएम के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

आरोप है कि वीडियो में एक खास समुदाय के खिलाफ हिंसा का संकेत दिया गया. शिकायतों के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने का मुद्दा भी अदालत के सामने रखा गया है.

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विवादित वीडियो का मामला

मंगलवार को वाम दलों के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने याचिका पर संज्ञान लिया. वरिष्ठ अधिवक्ता निजाम पाशा ने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया. उनका कहना था कि मुख्यमंत्री से जुड़े गंभीर आरोपों के बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है.

याचिकाकर्ताओं की दलील

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि एक वीडियो में मुख्यमंत्री को बंदूक से निशाना साधते और फायर करते दिखाया गया. कथित तौर पर यह दृश्य एक विशेष समुदाय के लोगों के खिलाफ हिंसा का प्रतीक है. पाशा ने अदालत को बताया कि इस संबंध में कई शिकायतें दर्ज कराई गई, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया.

मुख्य न्यायाधीश ने क्या कहा?

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अक्सर चुनाव के समय ऐसे मामले सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाते हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही राजनीतिक लड़ाई का एक हिस्सा अदालत में लड़ा जाने लगता है. हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच कर उचित तारीख पर सुनवाई की जाएगी.

आलोचना के बाद हटाया गया वीडियो

यह विवाद 7 फरवरी को असम भाजपा के आधिकारिक एक्स हैंडल से साझा किए गए एक वीडियो से जुड़ा है. वीडियो में मुख्यमंत्री को राइफल से निशाना साधते हुए दिखाया गया था. दो व्यक्तियों की वेशभूषा को लेकर साम्प्रदायिक संकेत होने के आरोप लगे. भारी आलोचना के बाद भाजपा ने वीडियो हटा लिया.

CM हिमंत बिस्वा ने दी प्रतिक्रिया

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी वीडियो की जानकारी नहीं है. उन्होंने पत्रकारों के सवालों पर अनभिज्ञता जताई. फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई की तारीख तय करने वाला है. आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर अहम माना जा रहा है.