Haryana AAP Congress Alliance: हरियाणा में कांग्रेस और AAP के बीच क्यों फंसा पेंच! क्या नहीं होगा गठबंधन?

Haryana AAP Congress Alliance: हरियाणा में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत सीटों के बंटवारे पर मतभेद के कारण रुकी हुई है. कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी 50 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. इससे पहले कांग्रेस, आप के लिए 3-4 से ज़्यादा सीटें छोड़ने में हिचकिचा रही है, क्योंकि उसे डर है कि अगर गठबंधन कामयाब नहीं हुआ तो BJP को फ़ायदा हो सकता है.

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Haryana AAP Congress Alliance: हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी यानी AAP और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर गठबंधन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. आप सूत्रों ने संकेत दिया है कि अगर कांग्रेस मौजूदा सीट बंटवारे के फार्मूले को कायम रखने पर अड़ी रही तो 5 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन नहीं होगा. 

सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी को बहुत ज़्यादा सीटें देने के लिए तैयार नहीं हैं, जिससे दोनों पार्टियों के बीच तनाव बढ़ रहा है. आप सूत्रों ने संकेत दिया है कि अगर कांग्रेस मौजूदा सीट बंटवारे के फार्मूले को कायम रखने पर अड़ी रही तो 5 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन नहीं होगा. आप हरियाणा विधानसभा चुनाव में 50 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय ले सकती है.

आप और कांग्रेस दोनों INDIA ब्लॉक का हिस्सा

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं, जिसने लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष को एकजुट किया था. सूत्रों ने यह भी संकेत दिया है कि आप आगामी चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची रविवार को जारी करेगी.

आम आदमी पार्टी औऱ कांग्रेस के बीच बातचीत को लेकर पूछे गए एक सवाल पर आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने मीडियाकर्मियों को बताया कि हम अभी भी बातचीत कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि देश और हरियाणा के हित में गठबंधन होगा. इस दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.

हालांकि, आप सूत्रों ने माना कि कांग्रेस की ओर से 10 सीटें छोड़ने की अनिच्छा के कारण बातचीत में गतिरोध पैदा हो गया है और पार्टी 50 सीटों के लिए अपनी सूची तैयार कर रही है और रविवार को उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है. वहीं, कांग्रेस सूत्रों ने पुष्टि की कि वह आप के लिए 3-4 से अधिक सीटें छोड़ने को तैयार नहीं है. सूत्रों ने कहा कि आप ने जो सीटें मांगी हैं, वे ऐसी हैं कि सहयोगियों के बीच वोटों का ट्रांसफर मुश्किल हो सकता है, ऐसे में भाजपा को इसका लाभ मिल सकता है.

हरियाणा में 90 सदस्यीय विधानसभा है, जिसमें कांग्रेस ने 31 सीटें जीती थीं और आप पिछले विधानसभा चुनाव में एक भी सीट हासिल नहीं कर पाई थी. कांग्रेस की ओर से आप को अधिक सीटें नहीं देने के फैसले के कारणों के पीछे हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में AAP के निराशाजनक प्रदर्शन को बताया जा रहा है. आप ने केवल एक सीट पर चुनाव लड़ा और उसे हार का सामना करना पड़ा, जबकि कांग्रेस ने नौ सीटों पर चुनाव लड़ा और पांच पर जीत हासिल की, जिससे भाजपा को लगातार दूसरी बार क्लीन स्वीप करने से रोका जा सका.

5 अक्टूबर को होंगे हरियाणा में विधानसभा चुनाव

हरियाणा विधानसभा चुनाव 5 अक्टूबर को होंगे. उम्मीदवारों को 12 सितंबर तक अपना नामांकन दाखिल करना होगा. राज्य के तीन जिलों में महत्वपूर्ण समूह बिश्नोई समुदाय की मतदान परंपराओं का सम्मान करने के लिए चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीख 1 अक्टूबर से बढ़ाकर 5 अक्टूबर कर दी थी.