सीएम सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या मामले में वांछित आरोपी ने अदालत में किया सरेंडर
मोनू के वकील शार्दूल विक्रम सिंह ने बताया कि मोनू सिंह के खिलाफ पहले से ही एक मुकदमा दर्ज था जिसमें कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था. इसी पर मोनू सिंह ने स्वयं बलिया की गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया.
पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के मामले में सीबीआई द्वारा वांछित ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू ने बलिया की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया. हालांकि उसने एक अलग गैंगस्टर मामले में आत्मसमर्पण किया है जबकि उसके वकील ने हत्या की जांच में उनकी संलिप्तता से इनकार किया है. सीबीआई उसकी तलाश में थी. उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट मामले में गैर जमानती वारंट जारी हुआ था.
मोनू के वकील शार्दूल विक्रम सिंह ने बताया कि मोनू सिंह के खिलाफ पहले से ही एक मुकदमा दर्ज था जिसमें कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था. इसी पर मोनू सिंह ने स्वयं बलिया की गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया. बता दें कि सुवेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड मामले में सीबीआई ने मोनू के घर, जो बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के शीतलदवनी गांव में स्थित है, पर छापेमारी की थी. इस छापेमारी का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था.
कैसे सामने आया था मोनू का नाम
मोनू का नाम फेफना थाना क्षेत्र के थम्हनपुरा निवासी नवीन सिंह की असलहा तस्करी के मामले में गिरफ्तारी के बाद सामने आया था. सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस व अन्य जांच एजेंसियां कई बार मोनू सिंह के गांव पहुंची थीं और उनके परिजनों से पूछताछ की थी.
मैं पूरी तरह निर्दोष
खुद को चौतरफा घिरता देख उसने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने कहा था कि बंगाल के चर्चित हत्याकांड से उसका कोई लेना देना नहीं है और वह पूरी तरह निर्दोष है. उसने प्रधानमंत्री मोदी और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई थी. वहीं मोनू सिंह की पत्नी ने कहा कि उनके पति ने बलिया कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. बंगाल के हत्याकांड से उसका नाम कैसे जुड़ा उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है.