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India Daily

गुजरात: दाहोद-हमदाबाद हाइवे पर डिवाइडर से टकराई कार, तीन लोगों की मौत, दृश्य देखने वालों की निकल गईं चीखें

गुजरात के दाहोद-अहमदाबाद हाईवे पर लिमखेड़ा के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई. तेज रफ्तार एसयूवी डिवाइडर और खंभे से टकराकर पूरी तरह चकनाचूर हो गई जिससे वहां चीख-पुकार मच गई.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
गुजरात: दाहोद-हमदाबाद हाइवे पर डिवाइडर से टकराई कार, तीन लोगों की मौत, दृश्य देखने वालों की निकल गईं चीखें
Courtesy: pinterest

गुजरात के दाहोद-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर रविवार को एक हृदय विदारक दुर्घटना घटी जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. लिमखेड़ा के पास एक एसयूवी कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि ड्राइवर के नियंत्रण खोते ही वह मौत का तांडव करने लगी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया.

भीषण टक्कर और खौफनाक मंजर 

यह भीषण हादसा लिमखेड़ा के पास ढढेला मोड़ पर हुआ. महाराष्ट्र पासिंग की एक तेज रफ्तार एसयूवी अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर को पार कर गई और बिजली के खंभे से जा टकराई. टक्कर की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी जिससे आसपास के घरों में लोग सहम गए. इस टक्कर से बिजली का मजबूत खंभा टुकड़ों में बिखर गया और कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया. कार के भीतर का दृश्य इतना भयावह था कि वहां खड़े लोगों की रूह कांप उठी.

हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत 

इस भीषण सड़क दुर्घटना में कुल तीन लोगों ने अपनी कीमती जान गंवाई है. मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कार सवार दो युवकों की घटनास्थल पर ही सांसें थम गई थीं. वहीं तीसरे घायल व्यक्ति को स्थानीय लोगों की मदद से पास के अस्पताल ले जाया गया लेकिन उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया. पुलिस ने बताया कि जान गंवाने वालों में अभिषेक यादव और सचिन बिरादर शामिल हैं जो महाराष्ट्र के पुणे शहर के निवासी थे और यात्रा पर निकले थे.

ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाले गए शव

हादसे की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद कार का इंजन उखड़कर सड़क से करीब 100 फीट दूर जा गिरा. कार के मलबे में फंसे हुए शवों को सुरक्षित बाहर निकालना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था. काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर की मदद ली और तब जाकर कार में फंसे हुए शवों को बाहर निकाला जा सका.

तुरंत मदद के लिए दौड़े लोग

हादसे की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े. लोगों ने ही सबसे पहले पुलिस और एम्बुलेंस सेवा को सूचित किया. मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए लिमखेड़ा और दाहोद के अस्पतालों में भेज दिया है. वहां के स्थानीय निवासी इस भयानक हादसे से काफी सहमे हुए हैं.

पुलिस जांच और सुरक्षा पर सवाल

 लिमखेड़ा पुलिस ने इस पूरे मामले में केस दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है. शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और ड्राइवर का नियंत्रण खोना ही मुख्य कारण माना जा रहा है. नेशनल हाईवे पर सुरक्षा मानकों और ओवरस्पीडिंग को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं. पुलिस अब मृतकों के परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया में जुटी है. इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की महत्ता को रेखांकित किया है.