गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: लूथरा ब्रदर्स पर कसी नकेल, 5 दिन की पुलिस हिरासत में उगलेंगे राज!
गोवा के अर्पोरा नाइटक्लब अग्निकांड में 25 लोगों की मौत के मामले में फरार रहे लूथरा ब्रदर्स को अदालत ने पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
गोवा के अर्पोरा इलाके में स्थित एक नाइटक्लब में लगी भीषण आग ने देश को झकझोर कर रख दिया था. इस हादसे में 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. अब इस मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है.
क्लब के मालिक सौरव लूथरा और गौरव लूथरा को गोवा की अदालत ने पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस उनसे आग लगने के कारणों, सुरक्षा इंतजामों और कथित लापरवाही को लेकर पूछताछ करेगी.
अदालत का आदेश और हिरासत
बुधवार को गोवा की मापुसा ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अदालत ने लूथरा बंधुओं को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया. दोनों को थाईलैंड से भारत लाकर अदालत में पेश किया गया था. पुलिस ने दलील दी कि आग लगने की परिस्थितियों और सुरक्षा चूक की जांच के लिए हिरासत जरूरी है, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया.
मेडिकल जांच पर जोर
अदालत में पेशी से पहले लूथरा बंधुओं की कई बार मेडिकल जांच कराई गई. आरोपियों ने पीठ दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद अदालत ने दोबारा चिकित्सकीय परीक्षण का आदेश दिया. सरकारी वकील के अनुसार, जांच में किसी गंभीर चिकित्सकीय जरूरत की पुष्टि नहीं हुई, जिसके बाद अदालत ने पुलिस हिरासत की अनुमति दे दी.
कैसे लगी थी आग
यह हादसा 6 दिसंबर की रात करीब 11:45 बजे हुआ था. नाइटक्लब में एक भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रिक फायरक्रैकर्स लकड़ी की छत से टकरा गए, जिससे आग भड़क उठी. कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया. इस घटना में पर्यटक और क्लब कर्मचारी समेत 25 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए.
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फरारी और अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, घटना के कुछ ही घंटों बाद लूथरा बंधु देश छोड़कर थाईलैंड भाग गए थे. इसके बादा गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया और इंटरपोल ब्लू नोटिस की मांग की. विदेश मंत्रालय ने उनके पासपोर्ट निलंबित कर दिए, जिसके बाद थाईलैंड में अवैध प्रवास के आरोप में उन्हें हिरासत में लिया गया.
जांच के दायरे में सुरक्षा चूक
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि नाइटक्लब के पास जरूरी लाइसेंस और सुरक्षा मंजूरियां थीं या नहीं. पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता के तहत गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं. क्लब के संचालन से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ जारी है.