गोवा नाइट क्लब हादसा, थाईलैंड से भारत लाए गए लूथरा ब्रदर्स; पुलिस ने किया गिरफ्तार
गोवा में जिस नाइट क्लब में भीषण आग लगने से 25 लोगों की जान चली गई थी, उसके मालिक लूथरा ब्रदर्स को थाईलैंड से भारत वापस लाया गया है.
गोवा के रोमियो लेन स्थित 'बर्च' नाइटक्लब में लगी आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी. इस नाइटक्लब के मालिक लूथरा ब्रदर्स, गौरव और सौरभ को मंगलवार को थाईलैंड से प्रत्यर्पित करके दिल्ली लाया गया. यह घटना राज्य में नाइटलाइफ की सबसे घातक त्रासदियों में से एक की जांच में एक महत्वपूर्ण मोड़ है. उन्हें दिल्ली हवाई अड्डे पर मौजूद गोवा पुलिस ने गिरफ्तार किया.
दोनों भाई थाईलैंड से आने वाली फ्लाइट में सवार होकर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे. केंद्रीय एजेंसियों ने उन्हें दिल्ली तक पहुंचाया, जहां गोवा पुलिस की एक टीम आव्रजन क्षेत्र में गिरफ्तारी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए मौजूद थी.
हवाई अड्डे पर हिरासत
गोवा पुलिस की एक टीम ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ मिलकर आव्रजन प्रक्रिया पूरी होने के बाद हवाई अड्डे के अंदर आरोपियों को हिरासत में ले लिया. दोनों भाइयों को दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां जांचकर्ता उन्हें गोवा ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग करेंगे.
उन्हें पूछताछ के लिए राज्य में लाए जाने के बाद 17 दिसंबर को मापुसा मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष पेश किए जाने की संभावना है.
थाईलैंड से निर्वासन
सौरभ और गौरव लूथरा आग लगने की घटना के कुछ ही घंटों के भीतर फुकेत भाग गए थे. थाई अधिकारियों ने उन्हें निर्धारित समय से अधिक समय तक रहने के आरोप में हिरासत में ले लिया, जिसके बाद भारतीय अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट निलंबित कर दिए, जिससे उनके निर्वासन का रास्ता साफ हो गया.
गोवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी टीम थाईलैंड नहीं गई थी और भाइयों के दिल्ली पहुंचने के बाद ही उन्हें हिरासत में लिया गया था.
अरपोरा नाइटक्लब में भीषण आग
इस महीने की शुरुआत में उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित बिर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में एक भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम के दौरान आग लग गई थी. इस घटना में पच्चीस लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए, जिससे व्यापक आक्रोश फैल गया और राज्य भर के मनोरंजन स्थलों पर सुरक्षा नियमों के अनुपालन की गहन जांच शुरू हो गई.
जांचकर्ता क्लब में अग्नि सुरक्षा मानदंडों, लाइसेंस की शर्तों और अन्य वैधानिक आवश्यकताओं के कथित उल्लंघन की जांच कर रहे हैं.
उच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप किया
नाइटक्लब वाली संपत्ति से संबंधित एक दीवानी दावे को बॉम्बे उच्च न्यायालय की गोवा बेंच ने 16 दिसंबर को जनहित याचिका में परिवर्तित कर दिया. न्यायालय ने कहा कि ऐसे मामलों में जवाबदेही आवश्यक है और प्रतिष्ठान को दिए गए लाइसेंसों पर राज्य सरकार से जवाब मांगा.
पीठ ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि विध्वंस आदेश और स्थानीय पंचायत में पहले की गई शिकायतों के बावजूद उस स्थान पर व्यावसायिक गतिविधियां जारी थीं. संपत्ति मालिकों का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता रोहित ब्रास डी सा को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया है और उन्हें विस्तृत हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा गया है.
कानूनी कार्रवाई तेज हुई
गोवा सरकार ने इस मामले की पैरवी के लिए विधि एवं अभियोजन विभागों से एक विशेष कानूनी टीम का गठन किया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 लगाई है, जिसके तहत 10 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है.
दोनों भाइयों के भारत लौटने के बाद जांच तेज होने के साथ ही जांचकर्ता अब सभी कथित उल्लंघनों से संबंधित सबूत जुटा रहे हैं.