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Ghazipur landfill fire: 'ऐसा लग रहा था दम घुट जाएगा,' लैंडफिल साइट में लगी आग के बाद अब कैसा है गाजीपुर का हाल?

Ghazipur landfill fire: गाजीपुर की लैंडफिल साइट में लगी आग के बाद अभी तक धुआं उठ रहा है. धुएं की वजह से लोग खांसी और घुटन जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं. आइए जानते हैं अब वहां का हाल कैसा है.

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Delhi Landfill site
Courtesy: ANI

Ghazipur landfill fire: 'हमें धुआं आ रहा था. खांसी आ रही थी. जैसे बीमारी सी लग जाती है न. अंदर नाक में बढ़ रहा था गंदा गंदा धुआं. जला हुआ ऐसे. प्रदूषण बहुत फैल रहा था कल. सारे लोगों को दिक्कत पड़ी कल. घर में भी बढ़ गया था प्रदूषण. कुछ दिख नहीं रहा था. बहुत दिक्कत पड़ी कल.' ये कहना है एक स्कूली बच्ची का जो गाजीपुर लैंड साइट के पास ही एक स्कूल में पढ़ने जा रही है. तकरीबन ऐसा ही सबका कहना है.
 

दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल साइट पर रविवार शाम भीषण आग लग गई. आग अब तक सुलग रही है. आग बुझाने की कोशिशें जारी हैं. सोमवार सुबह भी इस डंपिंग ग्राउंड में लगी आज बुझाई नहीं जा सकी है. दमकल की 10 से ज्यादा गाड़ियां अब भी आग बुझाने में जुटी हैं. दिल्ली फायर सर्विस SO नरेश कुमार ने ने कहा है कि लैंडफिल में आग डंपिंग ग्राउंड में पैदा हुई गैस की वजह से लगी है. स्थानीय लोगों के दावे अलग-अलग रहे हैं. 

आसपास के लोगों का कहना है कि कोई जहरीली गैस रिस रही थी. उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. जैसे ही धुएं जैसा गुबार नजर आया, लोगों ने पुलिस को कॉल किया. थोड़ी में आग धधकने लगी और लोग इसकी जद में आने लगे. इस आग का बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. 

आग लगने के बाद अब कैसे हैं हालात?
- आग लगने के 12 घंटे बाद भी लैंडफिल साइट पर धुआं उठता नजर आ रहा है. 
- लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है. प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं.
- इस आग की वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है.
- आग बुझाने के लिए दमकल की 10 गाड़ियां काम कर रही हैं, जिनमें से चार को सबसे ऊपरी हिस्से पर रखा गया है.
- गर्मी हद से ज्यादा है इसलिए आग का बुझना अभी मुश्किल है. 
- दिल्ली सरकार पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट रहा है. लोगों ने कहा है कि लैंडफिल साइट कम करने का वादा MCD चुनाव में किया गया था लेकिन पूरा नहीं किया गया.
 

क्या है दिल्ली बीजेपी का रिएक्शन? 
बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने एक्स पर लिखा, 'दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल में भीषण आग लग गई है. हवा में जहरीला धुआं तैर रहा है. धोखेबाज अरविंद केजरीवाल ने इसी ग़ाज़ीपुर लैंडफिल की फोटो दिखाकर एमसीडी चुनाव लड़ा. यह धुआं केजरीवाल के झूठ की तरह ही जहरीला है और अंतहीन है.'

लैंडफिल साइट पर 2022 से ही जारी है सियासत
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2022 के एमसीडी चुनावों से पहले पिछले साल 31 दिसंबर तक इसे खाली करने का वादा किया था. बीजेपी ने कहा है कि लैंडफिल की ऊंचाई बढ़ती जा रही है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में, गाजीपुर लैंडफिल की ऊंचाई 65 मीटर थी, जो कुतुब मीनार से केवल आठ मीटर कम थी. 2017 में, डंपिंग यार्ड में कचरे का एक हिस्सा बगल की सड़क पर गिर गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई.

क्या कह रही हैं MCD मेयर शेली ओबेरॉय?
एमसीडी मेयर शेली ओबेरॉय ने कहा कहा है, 'चिंता की कोई बात नहीं है. सभी वरिष्ठ अधिकारी साइट पर हैं. मैं दिल्ली में नहीं हूं और डिप्टी मेयर कामकाज देख रहे हैं. एमसीडी के उत्खननकर्ता और दमकल गाड़ियां जल्द ही आग पर काबू पा लेंगी.'

 

पहले कब-कब सुलगी हैं दिल्ली की लैंडफिल साइटें?
गर्मी के दिनों में लैंडफिल साइटों में आग लगने की बात नई नहीं है. यहां कई तरह की हानिकारक गैसों का रिसाव होता है, जिसकी वजह से डंपिंग ग्राउंड में आग लग जाती है. साल 2022 में 3 बार गाजीपुर साइट पर आग लगी थी. 28 मार्च 2022 को ऐसी भीषण आग लगी थी, जिसे 50 घंटे बाद भी नहीं बुझाया जा सका था. जून 2023 में भी आग लगी थी. इस बार अप्रैल में ही आग लग गई. अभी पूरी गर्मी पड़ी है.