स्किल्स अपग्रेड से ड्रग-टेरर नेक्सस तक, G20 के मंच पर पीएम मोदी का 'ट्रिपल वार'

PM ने ड्रग और टेरर नेटवर्क के बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए ड्रग-टेरर नेक्सस से निपटने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया. तीसरी पहल के रूप में उन्होंने अधिक सुरक्षित और पारदर्शी ग्लोबल सिस्टम बनाने के लिए देशों को मिलकर काम करने का आह्वान किया.

x
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 समिट के शुरुआती सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक विकास के मॉडल को दोबारा तय करने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि बदलते समय और बढ़ती चुनौतियों के बीच अब ऐसा विकास मॉडल अपनाना जरूरी है, जो समावेशी, संतुलित और टिकाऊ हो तथा सभी देशों की सभ्यताओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखे.

अफ्रीका द्वारा पहली बार G20 समिट की मेजबानी किए जाने पर PM ने इसे ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि यह सही समय है जब दुनिया को यह सोचना चाहिए कि विकास को किस तरह से मापा जाए, खासकर उन क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, जो संसाधनों की कमी और पर्यावरणीय असंतुलन से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.

भारत के इंटीग्रल ह्यूमनिज़्म सिद्धांत का उल्लेख

'सबके लिए विकास' विषय पर बोलते हुए PM मोदी ने भारत के इंटीग्रल ह्यूमनिज़्म सिद्धांत का उल्लेख किया और कहा कि यह सिद्धांत अधिक संतुलित और मानवीय विकास का रास्ता दिखाता है. इसी दौरान उन्होंने ज्ञान, स्किल और सुरक्षा के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण वैश्विक प्रस्ताव भी पेश किए.

सबसे पहले उन्होंने ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी बनाने का सुझाव दिया. यह प्लेटफॉर्म दुनिया भर के पारंपरिक और पर्यावरण-संतुलित ज्ञान को एकत्र करेगा. मोदी ने कहा कि भारत की इंडियन नॉलेज सिस्टम्स पहल इस वैश्विक प्लेटफॉर्म की मजबूत नींव प्रदान कर सकती है, जिससे स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक समरसता से जुड़े पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित कर दुनिया के साथ साझा किया जा सके.

दूसरा बड़ा प्रस्ताव था G20–अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव, जिसका उद्देश्य अफ्रीका के युवाओं को बड़े पैमाने पर स्किल ट्रेनिंग देना है. इस ‘ट्रेन-द-ट्रेनर’ मॉडल के तहत अगले दशक में अफ्रीका में 10 लाख प्रशिक्षित ट्रेनर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. PM मोदी ने इसे भारत-अफ्रीका साझेदारी को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया.

तीसरी पहल के रूप में PM ने ड्रग-टेरर नेक्सस से निपटने के लिए G20 के तहत एक विशेष तंत्र बनाने का आग्रह किया. उन्होंने चेताया कि सिंथेटिक ड्रग्स, खासकर फेंटानिल, दुनिया के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं. यह पहल ड्रग तस्करी, अवैध फंडिंग और आतंकवाद के वित्तीय नेटवर्क को रोकने पर केंद्रित होगी.

'अफ्रीका की G20 में एंट्री से दुनिया को एक नया संतुलन बनाने का मौका' 

PM मोदी ने कहा कि अफ्रीका की G20 में एंट्री से दुनिया को एक नया संतुलन बनाने का मौका मिला है और आने वाले वर्षों में यह पहलें वैश्विक सहयोग को नई दिशा देंगी.