नई दिल्ली: दुबई एयरशो में हुए तेजस फाइटर जेट दुर्घटना का एक नया और बेहद नजदीक से शूट किया गया वीडियो सामने आया है, जिसमें हादसे के कुछ सेकंड पहले तक की स्थिति साफ दिखाई देती है. इस वीडियो में इंडियन एयर फोर्स के तेजस LCA Mk-1 को हवा में तेजी से मैन्यूवर करते हुए देखा जा सकता है. कुछ ही पल बाद विमान नियंत्रण खो देता है और फ्री फॉल में नीचे गिरकर आग के गोले में तब्दील हो जाता है.
इस दिल दहला देने वाली घटना में भारतीय वायुसेना के 37 वर्षीय पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई थी. वह दुबई एयरशो के आखिरी दिन लो-लेवल एरोबेटिक प्रदर्शन कर रहे थे. वायुसेना में अपनी बेहतरीन फ्लाइंग स्किल्स और साहसी स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले विंग कमांडर स्याल इस प्रदर्शन के दौरान अचानक आए तकनीकी या कंट्रोल संबंधी समस्या का सामना कर बैठे, जिसके कारण विमान सीधा जमीन से जा टकराया.
नए वीडियो में दिखाया गया है कि तेजस जेट पहले हवा में घुमाव लेने की कोशिश करता है, लेकिन कुछ सेकंड बाद उसका संतुलन बिगड़ जाता है. विमान तेजी से नीचे गिरता है और टकराने के तुरंत बाद वहां से धुआं और मलबा हवा में उठने लगता है. जमीन पर गिरते ही आग की तेज लपटें दिखाई देने लगती हैं, जिसे देखकर एयरशो स्थल में मौजूद लोग हैरान रह गए.
तेजस हादसे का सबसे साफ़ वीडियो
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) November 22, 2025
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इससे पहले भी एक वीडियो सामने आया था जिसमें विंग कमांडर स्याल दुबई एयरशो में कई अधिकारियों के साथ दिख रहे थे. उस वीडियो में वे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल, और विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी (गल्फ) असीम आर. महाजन के साथ नजर आए थे. यह स्पष्ट नहीं है कि वह वीडियो एयरशो के किस दिन रिकॉर्ड किया गया था.
विंग कमांडर स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के निवासी थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी, जो स्वयं भी एयर फोर्स अधिकारी हैं, एक छह वर्ष की बेटी और माता-पिता हैं. उनकी अचानक हुई इस मौत से पूरा परिवार और वायुसेना समुदाय सदमे में है.
डिफेंस एक्सपर्ट कैप्टन (रिटा.) अनिल गौर ने कहा कि संभावना है कि विमान का नियंत्रण अचानक छूट गया हो या पायलट को जी-फोर्स के कारण ब्लैकआउट का सामना करना पड़ा हो. उन्होंने बताया कि पायलट भले ही G-सूट पहनते हैं, लेकिन उसमें किसी तरह की समस्या भी हादसे का कारण बन सकती है. घटना की वास्तविक वजह कॉकपिट डेटा और तकनीकी जांच की रिपोर्ट आने पर ही साफ होगी.