अमेरिका ने ईरान युद्ध में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक प्लान बनाया. इस प्लान के तहत राष्ट्रपति ट्रंप ने एक संयुक्त सेना बनाने की बात पर जोर दिया. उन्होंने कई दुनियाभर के देशों को इस लड़ाई में मदद करने को बुला लिया. अब इस पर भारत ने भी अपना रूख साफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में उसकी किसी से कोई द्विपक्षीय चर्चा नहीं चल रही है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि कई देश इस मामले पर चर्चा कर रहे हैं. इस मामले पर भारत की कोई चर्चा नहीं हुई है.
गौरतलब है कि रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने में मदद के लिए दूसरे देशों से संपर्क कर रहे हैं. राइट ने चीन, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस और दक्षिण कोरिया के नाम लेते हुए कहा कि कुछ देशों ने अमेरिका की मदद करने का वादा किया है. जब उनसे और नाम बताने को कहा गया तो उन्होंने भारत समेत एशियाई देशों का जिक्र किया.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक इंटरव्यू में साफ किया कि भारत ईरान के साथ लगातार बातचीत कर रहा है और इसके नतीजे भी मिल रहे हैं. हाल ही में दो भारतीय LPG टैंकर इस जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं, जिनमें करीब 85,000 मीट्रिक टन गैस थी.
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई एकमुश्त समझौता नहीं था और 22 अन्य भारतीय जहाज अभी भी इस रास्ते से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं. जयशंकर ने कहा, "भारत और ईरान के बीच रिश्ते हैं। इस टकराव को हम बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं." उन्होंने यह भी कहा कि भारत तर्कसंगत चर्चा और समन्वय के जरिए समाधान निकालने में विश्वास रखता है.
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद है. दुनिया के 20% तेल व्यापार वाला यह समुद्री रास्ता ईरान की निगरानी में बंद है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य सिर्फ अमेरिका और इजरायल के जहाजों के लिए बंद है. बाकी सभी देशों के जहाज गुजरने के लिए आजाद हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कई देश अपनी सुरक्षा चिंताओं के चलते गुजरना नहीं चाहते, जिसका ईरान से कोई लेना-देना नहीं है.