बुधवार को आरसीबी की आईपीएल 2025 जीत का जश्न एक बुरे सपने में बदल गया. एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई और 33 लोग घायल हो गए. ट्रॉफी का जश्न आरसीबी के खिताब जीतने के 18 घंटे के भीतर हुआ और जब भगदड़ की खबर सुर्खियों में थी तब भी खिलाड़ियों और कर्मचारियों ने स्टेडियम के अंदर जश्न मनाना जारी रखा.
डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया है कि उन्होंने कम समय में समारोह आयोजित न करने की सलाह दी थी. लेकिन समारोह को एक सप्ताह के लिए स्थगित करने के बजाय उनकी सलाह को नज़रअंदाज़ कर दिया गया.
आरसीबी फ्रैंचाइज़ को परेड के लिए किया गया मना
एक अनाम वरिष्ठ अधिकारी ने डेक्कन हेराल्ड को बताया, "हमने मंगलवार रात से ही सरकार और आरसीबी फ्रैंचाइज़ को बुधवार को कोई भी जश्न मनाने से मना करने की कोशिश की. हमने उन्हें बताया कि ऐसा करना गलत होगा और अगले रविवार को कार्यक्रम आयोजित करने की सिफारिश की, जब भावनाएं शांत हो जाएंगी."
अधिकारी ने यह भी बताया कि प्रारंभिक योजना विधानसभा से लेकर बालेकुंडरी सर्किल, उसके बाद कब्बन रोड, एमजी रोड और क्वींस सर्किल के पास चिन्नास्वामी स्टेडियम तक जुलूस निकालने की थी. हमने उनसे कहा कि वे कोई जुलूस न निकालें, बल्कि इसे एक जगह पर संगठित तरीके से आयोजित करें. खिलाड़ियों को स्टेडियम में लाएं और वहीं पर इसे समाप्त करें.
विदेशी खिलाड़ी चले जाएंगे...
लेकिन राज्य सरकार और आरसीबी ने पुलिस की सलाह पर कोई ध्यान नहीं दिया. उन्होंने कहा, उनका तर्क था कि खिलाड़ी, खासकर विदेशी खिलाड़ी आज या कल चले जाएंगे. अगर सरकार ने इनकार कर दिया होता, तो इससे एक और तरह की अराजकता पैदा हो जाती."
इस बीच एक अन्य अधिकारी ने खुलासा किया, मंगलवार को सुबह 5.30 बजे तक, हमारे सभी कर्मचारी पुलिस आयुक्त से लेकर कांस्टेबल तक सड़कों पर थे और पूरी तरह थक चुके थे. यह पूरी तरह से पागलपन था. इस तरह का उन्माद हमने पहले कभी नहीं देखा था.
स्टेडियम के गेट के पास जमा हुई भीड़
डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि स्टेडियम के गेट के पास केएससीए द्वारा मुफ्त टिकट जारी किए जा रहे थे और दो लाख से अधिक लोग कार्यक्रम स्थल के पास जमा हो गए और धक्का देकर अंदर जाने की कोशिश करने लगे. जल्द ही सब कुछ नियंत्रण से बाहर हो गया.