'जिनके लिए भारत 2014 के बाद बना, वो लोग इतिहास..', राम मंदिर में शिवसेना के योगदान पर भड़के संजय राउत

राम जन्मभूमि आंदोलन में शिवसेना (यूबीटी) के योगदान के सवाल पर संजय राउत की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. संजय राउत ने कहा कि जिन लोगों के लिए 2014 के बाद भारत का निर्माण हुआ, वे राम जन्मभूमि आंदोलन का इतिहास नहीं जानते. 

Avinash Kumar Singh

नई दिल्ली: रामलला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. इसी बीच राम जन्मभूमि आंदोलन में शिवसेना (यूबीटी) के योगदान के सवाल पर संजय राउत की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. संजय राउत ने कहा कि जिन लोगों के लिए 2014 के बाद भारत का निर्माण हुआ, वे राम जन्मभूमि आंदोलन का इतिहास नहीं जानते. 

'जिनके लिए भारत 2014 के बाद बना, वो लोग इतिहास....'

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने अपने बयान में कहा ''राम मंदिर राजनीति का विषय नहीं है, यह आस्था, पहचान और श्रद्धा का विषय है. राम मंदिर के निर्माण में हजारों लोग शहीद हो गए. कुछ लोग जिनके लिए भारत 2014 के बाद बना, वो लोग इतिहास नहीं जानते. ये लोग न तो आजादी की लड़ाई में रहे, न ही किसी बड़े आंदोलन या संघर्ष में रहे, इसलिए इन्हें राम मंदिर के लिए संघर्ष के बारे में नहीं पता. हम भगोड़े नहीं हैं, मैदान में डटे रहे और मंदिर निर्माण के लिए अंत तक संघर्ष किया. मंदिर आंदोलन के दौरान हजारों स्वयंसेवकों की जान चली गई और सरयू नदी लाल हो गई थी. राम जन्मभूमि आंदोलन 2014 से पहले शुरू हुआ था और मौजूदा BJP को सरकार को इस आंदोलन में शिवसेना और बालासाहेब ठाकरे के योगदान के बारे में कोई जानकारी नहीं है."

'जो लोग आज अपने आप को योद्धा मानते हैं वे वहां से भाग निकले'

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि जब अयोध्या में आंदोलन चल रहा था तो जो लोग आज अपने आप को योद्धा मानते हैं वे वहां से भाग गए, लेकिन वहां शिवसेना के नेता खड़े थे. ये भगोड़े हमसे क्या पूछेंगे योगदान. हिन्दुत्व के मैदान के भगोड़े हमसे सवाल न पूछें. उस समय बाला साहेब ठाकरे आगे आए और कहा कि मुझे उन शिवसैनिकों पर गर्व है जिन्होंने राम मंदिर के लिए योगदान दिया है. जन्मभूमि आंदोलन में पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, बालासाहेब ठाकरे, पूर्व विहिप अध्यक्ष अशोक सिंघल, उमा भारती, विनय कटियार और श्रीश चंद्र दीक्षित का नाम शामिल हैं.

प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शिवसेना यूबीटी को नहीं मिला न्यौता 

संजय राऊत ने साफ किया कि 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शिवसेना यूबीटी को आमंत्रित नहीं किया गया था. बीजेपी ने 1 जनवरी से राम मंदिर उत्सव के लिए एक अभियान चलाने का फैसला किया है, जिसमें बीजेपी कार्यकर्ता देश भर के सभी गांवों में घर-घर जाएंगे और दस करोड़ परिवारों को अयोध्या में राम मंदिर के लिए दीया लाइटिंग कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे.