नई दिल्ली: घरेलू बाजार में सोने की चमक दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और अब यह आम आदमी की पहुंच से दूर होता दिख रहा है. पीली धातु की इस अभूतपूर्व तेजी ने न केवल आम निवेशकों बल्कि सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के साथ बजट के बाद हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को सोने की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के कारणों का खुलासा किया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार स्थिति की गंभीरता को समझ रही है और बाजार की हर हलचल पर करीब से नजर रखी जा रही है.
वित्त मंत्री ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए बताया कि आज के दौर में दुनिया भर के केंद्रीय बैंक बड़े पैमाने पर सोना और चांदी खरीदकर उनका भंडारण कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में उछाल की एक बड़ी वजह है. इसके साथ ही, भारत में सोना हमेशा से निवेश का पसंदीदा माध्यम रहा है, और शादियों व त्योहारों के सीजन के दौरान होने वाली परंपरागत मांग इसे और सहारा दे रही है. सीतारमण ने कहा- 'हम इस पर नजर रख रहे हैं, लेकिन फिलहाल कीमतें किसी खतरनाक स्तर तक नहीं पहुंची हैं. आरबीआई भी इस पर निरंतर निगरानी रखेगा.'
बाजार के आंकड़ों पर गौर करें तो सोमवार को सोने की कीमतों में भारी बढ़त दर्ज की गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 2,946 रुपये या 1.88% की तेजी के साथ 1,59,822 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है; कॉमेक्स (Comex) पर गोल्ड फ्यूचर्स करीब 2% बढ़कर 5,177.51 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ. ग्लोबल टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने को एक सुरक्षित निवेश के रूप में स्थापित कर दिया है.
वित्त मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों के भविष्य पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने बताया कि वित्त मंत्रालय अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया फैसले के संभावित असर का विश्लेषण कर रहा है, जिसने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ फ्रेमवर्क को रद्द कर दिया है. ट्रंप द्वारा अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए इन शुल्कों को अदालत ने गैर-कानूनी करार दिया है. सीतारमण ने कहा कि इसके भारत पर होने वाले प्रभाव के बारे में अभी कोई भी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी, लेकिन मंत्रालय हर पहलू का आकलन कर रहा है.
बैठक के समापन पर वित्त मंत्री ने देशवासियों से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय रूप से शामिल होने का आग्रह किया. इस अहम बैठक में वित्त मंत्री के साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और आरबीआई गवर्नर भी मौजूद रहे. सभी ने सामूहिक रूप से देश की आर्थिक स्थिरता और निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई.