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चुनाव आयोग ने शुरू की जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी, जानें कब तक होगा मतदान

Jammu Kashmir Assembly Elections: जम्मू-कश्मीर में 2018 में विधानसभा भंग होने के बाद से कोई विधानसभा नहीं बनी है, जबकि हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभाओं का कार्यकाल 11 नवंबर, 26 नवंबर और 5 जनवरी, 2025 को समाप्त हो रहा है, जिसका मतलब है कि चुनाव उससे पहले पूरे होने चाहिए.

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चुनाव आयोग ने शुरू की जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी, जानें कब तक होगा मतदान
Courtesy: Social/Twitter

Jammu Kashmir Assembly Elections: साल 2018 में विधानसभा भंग होने के बाद से जम्मू-कश्मीर की जनता को अपने राज्य में नई विधानसभा के लिए चुनाव का इंतजार है. लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने तो गुरुवार को पीएम मोदी ने भी जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दौरान जल्द चुनाव आयोजित कराने का भरोसा दिया था. हालांकि इन चुनावों का आयोजन कब होगा ये सवाल अभी भी बना हुआ है.

इस बीच चुनाव आयोग (ईसी) ने तैयारियों की शुरुआत कर दी है और इस सप्ताह एक नोटिफिकेशन जारी की है जिसके तहत 20 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में मतदाता सूची में संशोधन करके उनकी लिस्ट का ऐलान करने की बात कही है. सूत्रों ने बताया कि चुनाव आयोग ने गुरुवार को चुनाव वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को पत्र लिखकर मतदाता सूची के विशेष सारांश संशोधन (एसएसआर) का कार्यक्रम बताया.

चुनाव आयोग ने दिया वोटर लिस्ट अपडेट करने का आदेश

शुक्रवार को जारी किए गए एक बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव की तैयारियों से पहले स्पेशल समरी रिविजन्स करने हैं जिसमें मतदान केंद्रों के स्थान का चयन और उन्हें ज्यादा सुविधाजनक बनाने की प्रक्रिया 25 जून से शुरू की जाएगी. चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों - हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूची को 1 जुलाई की कट-ऑफ तारीख के साथ अपडेट किया जाएगा. 

ड्राफ्ट रोल 25 जुलाई को पब्लिश किए जाएंगे, जिसके बाद मतदाताओं को 9 अगस्त तक अपना दावा और कोई भी आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा. वोटर्स की फाइनल लिस्ट 20 अगस्त को अपने तय समय के अनुसार ही पब्लिश की जाएगी. जहां एक ओर जम्मू-कश्मीर में 2018 के बाद से विधानसभा नहीं है तो वहीं हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभाओं का कार्यकाल 11 नवंबर, 26 नवंबर और 5 जनवरी, 2025 को समाप्त हो रहा है. 

चारों राज्य में एक साथ हो सकते हैं चुनाव

इसका मतलब है कि चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया इससे पहले पूरी करेगा और चारों राज्यों में एक साथ ही आयोजन करा सकता है.

चुनाव आयोग ने कहा, 'निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद एक नया सदन बनाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की विधानसभा के लिए आम चुनाव भी आयोजित किए जाने हैं. हाल ही में खत्म हुए लोकसभा चुनावों में जम्मू-कश्मीर के लोगों की भारी भागीदारी को देखते हुए, आयोग ने 1 जुलाई, 2024 को अर्हता तारीख के रूप में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूची को अपडेट करने का भी निर्देश दिया है.'

सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर तक कराने का दिया है आदेश

सूत्रों ने कहा कि एसएसआर के अलावा, चुनाव आयोग इस सप्ताह दिल्ली में चुनाव वाले राज्यों के अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग आयोजित कर रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव पैनल ने देश भर में होने वाले 47 उपचुनावों को कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.

आर्टिकल 370 को निरस्त करने को बरकरार रखते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल चुनाव आयोग को 30 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव कराने का आदेश दिया था. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि चुनाव पैनल “बहुत जल्द” चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करेगा.