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SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, अब BLO घर जाकर लेंगे दस्तावेज; दिल्ली-महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की तारीख भी बढ़ी

चुनाव आयोग ने SIR को लेकर कई अहम फैसले किए हैं. अब अनमैप्ड और तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं के घर BLO जाएंगे.

India Daily
Ashutosh Rai

नई दिल्ली में चुनाव आयोग की बैठक के बाद SIR प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए गए हैं. नोटिस पाने वाले ऐसे मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने के लिए ERO कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी. BLO घर जाकर कागजात लेंगे और ECINet पर अपलोड करेंगे. दिल्ली और महाराष्ट्र के लिए नई तारीखें भी घोषित हुई हैं.

अनमैप्ड मतदाताओं के घर जाएंगे BLO

SIR के दौरान जिन मतदाताओं को अनमैप्ड या तार्किक विसंगति के कारण नोटिस मिला है, उनके घर अब BLO जाकर जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे. इन कागजात को ECINet पर अपलोड किया जाएगा और इसके आधार पर ERO आगे फैसला लेगा. ऐसे लोगों को सामान्य तौर पर ERO या AERO कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाने की जरूरत नहीं होगी. अगर किसी मामले में सुनवाई जरूरी हुई तो ERO के फैसले के अनुसार उसे प्राथमिकता से ऑनलाइन कराया जाएगा. जरूरत पड़ने पर मतदाता परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने की अनुमति भी दे सकता है.

गरीब और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप

चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को रात के आश्रय स्थलों, मजदूरों, गरीबों, बेघर लोगों और जरूरत के मुताबिक अन्य समूहों के लिए मदद डेस्क और विशेष कैंप लगाने को कहा है. आयोग के अनुसार SIR में अब तक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में काम पूरा हो चुका है, जिनमें बिहार और पश्चिम बंगाल भी शामिल हैं. जिन लोगों का नाम छूट गया है, नए युवा और पहली बार वोट देने वाले लोग भी लगातार अपडेट की प्रक्रिया के तहत ERO के पास नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं. गोवा में BLO को ऐसे मतदाताओं के घर जाकर फॉर्म लेने को कहा गया है और 97 में से 81 लोगों ने Form 6 भर दिया है.


दिल्ली-महाराष्ट्र में बढ़ी दावे-आपत्तियों की तारीख

चुनाव आयोग ने दिल्ली में SIR से जुड़े दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 कर दी है. इनके निपटारे के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है. महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां 12 अक्टूबर तक जमा की जा सकेंगी. वहीं इनके निपटारे की अंतिम तारीख 10 नवंबर रखी गई है. आयोग ने ECINet की स्वतंत्र समीक्षा के लिए वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में समिति बनाने की बात भी कही है, जिसमें IIT या IIIT का विशेषज्ञ शामिल होगा। आगे IT से जुड़ी नई पहल अधिकारियों की समिति में चर्चा के बाद आयोग के सामने रखी जाएगी.