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'हिंसा नहीं, कश्मीर में बंपर वोटिंग हुई, भारत ने रिकॉर्ड बना दिया...', पढ़िए चुनाव आयोग ने क्या-क्या कहा

Election Commission of India: लोकसभा चुनाव 2024 के वोटों की गिनती से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने एक प्रेस कॉन्फेंस करके बताया है कि इस बार का चुनाव किन मामलों में अलग रहा है.

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India Daily Live
CEC Rajeev Kumar
Courtesy: ANI

लोकसभा चुनाव के वोटों की गिनती से एक दिन पहले केंद्रीय चुनाव आयोग के अधिकारियों ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने उपलब्धियां गिनाईं. राजीव कुमार ने कहा कि इस बार कहीं चुनावी हिंसा नहीं हुई और जम्मू-कश्मीर में भी जमकर वोट डाले गए. इस बार रीपोलिंग भी बहुत कम हुई क्योंकि दो साल से तैयारी की गई थी. उन्होंने बताया कि इस बार 64.2 करोड़ लोगों ने वोट डाले जो कि G7 देशों से डेढ़ गुना और यूरोपीय यूनियन के देशों से ढाई गुना ज्यादा है.

देश के लोगों और मतदानकर्मियों की तारीफ करते हुए राजीव कुमार ने कहा, 'हम अपने मतदाताओं को स्टैंडिंग ओवेशन देना चाहते हैं कि उन्होंने इतना बड़ा काम किया. हम अपने देश की महिलाओं की तारीफ करना चाहते हैं कि उन्होंने बढ़-चढ़कर वोट किया. हमें इसका जश्न मनाना चाहिए और इसकी तारीफ करनी चाहिए.'

भारत के वोटर्स ने सबको पीछे छोड़ा

राजीव कुमार ने कहा, 'हमने इस बार 64.2 करोड़ वोट डालकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है. यह ऐतिहासिक है. G7 देशों को मिला लें तो उससे भी 1.5 गुना ज्यादा वोट डाले गए. यूरोपीय यूनियन के 27 देशों से ढाई गुना ज्यादा वोट डाले गए. दुनिया में कहीं पर भी किसी भी चुनाव में इतने वोट नहीं डाले गए हैं. यह भारत के मतदाताओं की शक्ति है. देखते हैं अगली बार क्या होता है.'

मतदानकर्मियों की तारीफ करते हुए राजीव कुमार ने कहा, 'घनघोर मेहनत और मतदानकर्मियों की बदौलत इस साल बेहद कम रीपोल्स हुए हैं. 2019 में कुल 540 जगहों पर फिर से वोटिंग करानी पड़ी थी जबकि इस बार 39 जगहों पर ही ऐसा हुआ. इसमें से भी 25 जगहें अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर की हैं क्योंकि वहां दूरी बेहद ज्यादा थी. यानी बाकी के देश में सिर्फ 14 जगहों पर रीपोलिंग करवाई गई. 27 राज्य ऐसे हैं जहां कोई रीपोलिंग नहीं हुई. ऐसा पहली बार हुआ है.'

जम्मू-कश्मीर में क्या बदला?

राजीव कुमार ने आगे कहा, 'इस बार जम्मू-कश्मीर में ओवरऑल 58.58 पर्सेंट वोटिंग हुई और घाटी में ही 51.05 पर्सेंट वोटिंग हुई. हमने भविष्य को लेकर लोगों की आंखों में चमक देखी है. जब हम चुनाव कराने के लिए मार्च में गए थे तो हमसे सवाल पूछे जा रहे थे कि कब चुनाव कराएंगे. अब हम कह रहे हैं कि वहां के लोग तैयार हैं और अब हम वहां चुनाव कराएंगे.'