नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की राउज एवेन्यू की विशेष अदालत में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. एजेंसी ने बताया कि उसे पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के खिलाफ वर्षों पुराने एयरसेल-मैक्सिस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभियोजन चलाने की अनुमति 'सक्षम प्राधिकारी' से प्राप्त हो गई है. आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने चिदंबरम के खिलाफ केस चलाने के आदेश को मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के बाद ईडी ने मुकदमे की कार्यवाही को गति देने के लिए अदालत के समक्ष आधिकारिक अभियोजन स्वीकृति आदेश भी प्रस्तुत कर दिया है.
ईडी द्वारा जांचे जा रहे इस मामले की जड़ें साल 2011 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ी हैं. जांच एजेंसी का आरोप है कि पी. चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) ने INX मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को नियमों के विपरीत मंजूरी दी थी. इसके बदले में चिदंबरम के बेटे कार्ती चिदंबरम को विभिन्न संस्थाओं के जरिए 1.16 करोड़ रुपये का अवैध परितोषण (रिश्वत) प्राप्त हुआ था.
एयरसेल-मैक्सिस डील के संदर्भ में ईडी ने दावा किया है कि विदेशी निवेशक ने 3,565.91 करोड़ रुपये के एफडीआई (विदेशी प्रत्यक्ष निवेश) के लिए आवेदन किया था. नियमतः, 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए CCEA ही सक्षम प्राधिकारी थी, लेकिन चिदंबरम ने कथित तौर पर धोखाधड़ी और बेईमानी से अपने स्तर पर ही इसकी मंजूरी दे दी थी, जबकि उनकी सीमा केवल 600 करोड़ रुपये तक के निवेश को ही हरी झंडी देने की थी.
अदालती कार्यवाही में देरी का एक मुख्य कारण नवंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया एक निर्देश था. शीर्ष अदालत ने 'ED बनाम विभु प्रसाद आचार्य' मामले में व्यवस्था दी थी कि मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के मामलों में भी मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन की मंजूरी अनिवार्य है, ठीक वैसे ही जैसे क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) के तहत चार्जशीट दाखिल करते समय दी जाती है. इस आदेश के बाद पी. चिदंबरम सहित कई आरोपियों ने अदालती मंचों पर कार्यवाही को चुनौती दी थी, जिससे ट्रायल में बाधा आ रही थी.
पी. चिदंबरम और उनके पुत्र कार्ती चिदंबरम शुरू से ही इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं. उनका पक्ष है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार राजनीतिक द्वेष के चलते उन्हें निशाना बना रही है. गौरतलब है कि एयरसेल-मैक्सिस चार्जशीट में चिदंबरम को आरोपी नंबर 6 बनाया गया है, जबकि INX मीडिया डील मामले में वे मुख्य आरोपी हैं.