Shahjahan Sheikh: तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख की मुश्किलों में और इजाफा होने वाला है. प्रवर्तन निदेशालय ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शाहजहां शेख, उसके भाई और दो अन्य सहयोगियों के खिलाफ अपना पहला आरोप पत्र दाखिल किया है. दरअसल ईडी ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा आईपीसी अधिनियम, 1860 और शस्त्र अधिनियम, 1959 की विभिन्न धाराओं के तहत शाहजहां शेख और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई 13 एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी. ईडी ने आरोप पत्र में शाहजहां शेख पर आरोप लगाया कि उन्होंने चोट पहुंचाने, हत्या, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली की धमकी देने जैसे संगठित अपराध में लिप्त होकर आतंक का माहौल बनाया है और आम जनता की जमीन हड़पी है और अवैध रूप से धन अर्जित किया है.
इन्हीं मामलों को लेकर टीएमसी नेता को निलंबित किया गया था. शाहजहां अपने भाई और अन्य दो सहयोगियों के साथ फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद हैं. ईडी ने अपने आरोप पत्र में कहा कि टीएमसी के नेता शाहजहां शेख ने भूमि हड़पने, अवैध मछली पालन/व्यापार, ईंट के खेतों पर कब्जा, अनुबंधों के कार्टेलाइजेशन, अवैध करों और लेवी के संग्रह के साथ-साथ भूमि सौदों पर कमीशन के इर्द-गिर्द घूमते हुए एक बड़ा आपराधिक साम्राज्य बनाया था.
The Enforcement Directorate has filed a prosecution complaint against three people in a money laundering case including TMC leader Shahajahan Seikh and others. It was charged that Shahjahan along with others had created an atmosphere of terror by indulging in organised crime of…
— ANI (@ANI) May 30, 2024
कोलकाता से लगभग 80 किमी दूर संदेशखाली की महिलाओं ने शाहजहां और उसके सहयोगियों पर जमीन हड़पने और यौन शोषण का आरोप लगाया था. पश्चिम बंगाल पुलिस ने शेख को 29 फरवरू को अरेस्ट कर लिया था. शाहजहां शेख राशन घोटाले में आरोपी है. इसके अलावा उस पर ईडी टीम पर हमला करने का भी आरोप है. इसी कारण ईडी ने 30 मार्च को शेख को अपनी हिरासत में ले लिया था.