रसोई गैस के लिए अब नहीं चाहिए अड्रेस प्रूफ, प्रवासियों और छात्रों के लिए बेस्ट ऑप्शन; बस 10 मिनट में हाथ में होगा सिलेंडर
नए शहर में बसने वाले प्रवासियों और छात्रों के लिए अब बिना एड्रेस प्रूफ के 5 किलो का एलपीजी सिलेंडर लेना आसान हो गया है. भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल की इस सुविधा से लाखों लोगों को राहत मिली है.
नई दिल्ली: एलपीजी संकट के बीच सिलिंडर के लिए गैस एजेंसियों की खाक छानने वाले किराएदार, प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए रहत भरी खबर सामने आई है. किराएदार, प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए सबसे बड़ी बाधा स्थायी पते का प्रमाण जुटाना होता है, जिसकी वजह से इन्हें एलपीजी का कनेक्शन नहीं मिल पाता. इस समस्या को समझते हुए केंद्र सरकार और प्रमुख तेल कंपनियों ने एक सराहनीय पहल की है. अब किराएदार, छात्र और प्रवासी मजदूर बिना किसी लंबी कागजी कार्यवाही के छोटा एलपीजी सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं. यह कदम न केवल उनकी रसोई को आसान बना रहा है बल्कि शहरी जीवन की भागदौड़ में एक बड़ी राहत के रूप में उभरा है.
देश की प्रमुख तेल कंपनियां, जैसे भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल, अब 5 किलो के छोटे एलपीजी सिलेंडर को विशेष रूप से बढ़ावा दे रही हैं. इस योजना के तहत 'भारत गैस मिनी' और 'इंडेन छोटू' जैसे विकल्प बाजार में मौजूद हैं. यह सुविधा उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिन्हें कम मात्रा में ईंधन की जरूरत होती है या जो अपने काम के सिलसिले में बार-बार एक शहर से दूसरे शहर शिफ्ट होते रहते हैं. इसकी पोर्टेबिलिटी इसे और भी आकर्षक बनाती है.
पहचान पत्र ही काफी है
इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि आपको गैस कनेक्शन के लिए बिजली बिल या रेंट एग्रीमेंट जैसे एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं पड़ती. आप सिर्फ अपना आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस दिखाकर इसे तुरंत खरीद सकते हैं. तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि केवल एक वैध सरकारी पहचान पत्र के जरिए ही कोई भी व्यक्ति अपनी रसोई के लिए यह छोटा सिलेंडर प्राप्त कर सकता है. इससे कागजी उलझनों का दौर अब पूरी तरह खत्म हो चुका है.
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प्रक्रिया है बेहद सरल
छोटे एलपीजी सिलेंडर को खरीदने की प्रक्रिया को काफी सरल और पारदर्शी बनाया गया है. ग्राहक अपने नजदीकी गैस एजेंसी या अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर सीधे इसे खरीद सकते हैं. भुगतान करने के बाद सिलेंडर तुरंत सौंप दिया जाता है, जिससे ग्राहक उसी समय से खाना बनाना शुरू कर सकते हैं. इसके लिए किसी लंबी प्रतीक्षा सूची या रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती. साथ ही. देशभर में मौजूद हजारों रिफिल केंद्रों पर इसे दोबारा भरवाना भी बहुत आसान है.
छात्रों और मजदूरों के लिए वरदान
यह सुविधा विशेष रूप से उन युवाओं के लिए तैयार की गई है जो हॉस्टल या पीजी में रहते हैं. साथ ही जो मजदूर रोजमर्रा की कमाई के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं, उन्हें भी इससे बहुत लाभ हुआ है. अक्सर इन वर्गों के पास किसी नए शहर में पते का प्रमाण नहीं होता, जिसके कारण वे अवैध गैस रिफिलिंग का सहारा लेते थे. अब सुरक्षित और वैध विकल्प मिलने से उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है. पोर्टेबल होने के कारण इसे आसानी से साथ ले जाया जा सकता है.
सुरक्षा और अफवाहों से बचाव
तेल कंपनियों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे केवल रजिस्टर्ड एजेंसियों या आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए ही सिलेंडर बुक करें. साथ ही बाजार में फैलने वाली किसी भी तरह की कमी की अफवाहों पर ध्यान न दें. कंपनियों का कहना है कि गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और भंडार पर्याप्त है. सिलेंडर लेते समय सुरक्षा जमा राशि देनी होती है, जिसे सिलेंडर वापस करने पर लौटा दिया जाता है. किसी भी सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क किया जा सकता है.