मानसून सत्र के आखिरी दिनों में DMK पर टिकी नजर, आज पेश होंगे चार विधेयक; शाह संभालेंगे मोर्चा

संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिनों में परिसीमन विधेयक को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं. राजग के पास करीब 326 सांसदों का समर्थन है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के आखिरी चार दिनों में परिसीमन विधेयक को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी राजग के लिए इस संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने में द्रमुक के 22 लोकसभा सांसदों की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है. फिलहाल द्रमुक ने अपने रुख को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है.

तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी में टूट के बाद लोकसभा में राजग का संख्या बल बढ़ा है. इसके बावजूद संविधान संशोधन विधेयक के लिए जरूरी दो तिहाई समर्थन जुटाना सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है. ऐसे में द्रमुक के 22 सांसदों का समर्थन या रुख पूरे समीकरण को प्रभावित कर सकता है.

राजग के पास कितने सांसद हैं?

लोकसभा में राजग के पास फिलहाल करीब 326 सांसदों का समर्थन बताया जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों और शिवसेना यूबीटी से एकनाथ शिंदे की शिवसेना में आए सांसदों के कारण सत्ता पक्ष का आंकड़ा बढ़ा है. वाईएसआर कांग्रेस के चार सांसदों और कुछ निर्दलीय सांसदों के समर्थन से यह संख्या 326 के पार पहुंच सकती है.


विधेयक के लिए कितने सांसद जरूरी हैं?

लोकसभा में वर्तमान में 540 सदस्य हैं और तीन सीटें खाली हैं. परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए सदन में मौजूद सांसदों के दो तिहाई समर्थन की जरूरत होगी. ऐसे में सरकार को करीब 350 से 360 सांसदों का समर्थन जुटाना पड़ सकता है. पिछली बार सरकार को सिर्फ 298 सांसदों का समर्थन मिला था.

विपक्ष के पास कितने सांसद हैं?

दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन के पास फिलहाल करीब 189 सांसदों का संख्या बल बताया जा रहा है. अप्रैल में परिसीमन विधेयक के खिलाफ विपक्ष को 230 सांसदों का समर्थन मिला था. लेकिन तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी में टूट तथा द्रमुक के रुख में बदलाव से विपक्ष की चुनौती बढ़ गई है.

आज लोकसभा में चार विधेयक होंगे पेश

लोकसभा में सोमवार को चार प्रमुख विधेयक पेश किए जाने हैं. अर्जुन राम मेघवाल न्यायाधिकरण सुधार विधेयक 2026 पेश करेंगे. जी किशन रेड्डी खान एवं खनिज विकास और विनियमन संशोधन विधेयक 2026 पेश करेंगे. केरल नाम में बदलाव विधेयक 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक 2026 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पेश करेंगे.

विपक्ष के लिए भी अहम चार दिन

मानसून सत्र के अंतिम चार दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. परिसीमन के मुद्दे पर संख्या जुटाने के साथ सरकार को विपक्षी एकजुटता की चुनौती का सामना करना है. वहीं विपक्ष के लिए द्रमुक को अपने साथ बनाए रखना और अपने सांसदों को एकजुट रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है.