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India Daily

टीचर ने इंटरनल मार्क्स काटने की दी धमकी और जाति को लेकर किया टॉर्चर, बीडीएस छात्र ने 5वीं मंजिल से कूदकर दी जान

कन्नूर में बीडीएस छात्र नितिन राज की संदिग्ध मौत के बाद परिवार ने शिक्षकों पर जातिगत और रंगभेद के आधार पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. पुलिस जांच कर रही है और मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
टीचर ने इंटरनल मार्क्स काटने की दी धमकी और जाति को लेकर किया टॉर्चर, बीडीएस छात्र ने 5वीं मंजिल से कूदकर दी जान
Courtesy: Grok AI

कन्नूर: केरल के कन्नूर जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक प्रथम वर्ष के BDS छात्र के परिवार ने संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत के बाद कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतक की पहचान 22 वर्षीय नितिन राज आर.एल. के रूप में हुई है, जो अंजरकंडी डेंटल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था.

रिपोर्टों के अनुसार नितिन राज 10 अप्रैल की दोपहर कॉलेज परिसर में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था. बताया जा रहा है कि वह पांच मंजिला इमारत से गिर गया था. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी.

मृतक के परिजनों ने क्या लगाया आरोप? 

मृतक के परिवार वालों का आरोप है कि नितिन कॉलेज में भारी मानसिक दबाव का सामना कर रहा था. उनका दावा है कि कथित तौर पर विभाग प्रमुख यानी HOD और कुछ अन्य शिक्षकों द्वारा उसके साथ भेदभाव किया जाता था. परिवार ने आगे आरोप लगाया कि उसे उसकी जाति और रंग के आधार पर प्रताड़ित किया जाता था, जिससे उसे काफी मानसिक कष्ट हुआ.

परिवार वालों ने क्या की मांग?

परिवार वालों ने यह भी बताया कि विभाग प्रमुख ने उसके इंटरनल असेसमेंट के मार्क्स काटने की धमकी दी थी. उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवहार के कारण नितिन गहरे तनाव में था. परिवार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

पुलिस ने क्या लिया एक्शन?

इस बीच चक्कारक्कल पुलिस ने इस घटना के संबंध में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. इसके अलावा केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और पुलिस से रिपोर्ट मांगी है.  साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.

नितिन राज तिरुवनंतपुरम जिले के नेदुमंगड का रहने वाला था और उसके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर हैं. इस घटना के बाद उनके पार्थिव शरीर को घर लाया गया, जिसके बाद क्षेत्र में कोहराम मच गया फिर उसका अंतिम संस्कार किया गया.