50 लाख के लिए भाई ने किया था बहन का कत्ल, नौ साल बाद सामने आया सच
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुराड़ी के नौ साल पुराने अनीता देवी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य फरार आरोपी चंदन को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है. यह हत्या 50 लाख रुपये के इंश्योरेंस और प्रॉपर्टी के लालच में की गई थी.
नई दिल्ली: दौलत और लालच का नशा जब सिर चढ़कर बोलता है तो इंसान खून के रिश्तों का भी कत्ल करने से पीछे नहीं हटता. दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे ही खौफनाक हत्याकांड का खुलासा किया है जिसका सच पूरे नौ साल बाद सामने आया है. दरअसल दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नौ साल पुराने एक सनसनीखेज मर्डर केस की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया है. यह आरोपी सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था जिसे आखिरकार बिहार के लखीसराय जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है.
50 लाख के लालच में उतारा मौत के घाट
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम चंदन कुमार है. उसने अपने भाई कुंदन कुमार और जीजा कमल कुमार के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था. हैरानी की बात यह है कि इन लोगों ने एक महिला की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी ताकि वे उसकी 50 लाख रुपये की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी और उसकी संपत्ति हड़प सकें.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार यह मामला 22 अगस्त 2017 का है जब दिल्ली के बुराड़ी के अजीत विहार इलाके में 43 साल की अनीता देवी की उनके ही घर में लाश मिली थी. अनीता का गला रेतकर बड़ी बेरहमी से कत्ल किया गया था जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी. वारदात के बाद अनीता के भाई कमल कुमार ने ही पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी रची और शक की सुई अनीता के पति की तरफ घुमा दी. शुरुआत में पुलिस को भी यह पारिवारिक विवाद का मामला लगा लेकिन जब गहराई से जांच हुई तो कहानी पूरी तरह पलट गई.
तफ्तीश में पुलिस को पता चला कि अनीता ने 50 लाख रुपये का जीवन बीमा कराया था जिसमें उन्होंने अपने भाई कमल कुमार को नॉमिनी बनाया था. इतना ही नहीं उन्होंने बुराड़ी वाली प्रॉपर्टी भी वसीयत के जरिए कमल के बेटे के नाम कर दी थी. कमल उस समय भारी कर्ज और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था इसलिए उसने प्रॉपर्टी और बीमे के पैसे हथियाने के लिए चंदन और कुंदन के साथ मिलकर अपनी ही बहन की हत्या की साजिश रच डाली.
साजिशकर्ता पहले ही हो चुका था गिरफ्तार
पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता कमल को तो 2017 में ही गिरफ्तार कर लिया था लेकिन चंदन और कुंदन भागने में कामयाब रहे जिन्हें 2018 में कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया. अब जाकर क्राइम ब्रांच ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से चंदन को बिहार से पकड़ लिया. पुलिस ने यह भी बताया कि इस केस का एक और आरोपी कुंदन 2018 में ही अपने गांव के रेलवे स्टेशन के पास मृत पाया गया था जिसकी पुष्टि उसके डेथ सर्टिफिकेट से हो चुकी है.