मुंबई: महाराष्ट्र कांग्रेस ने अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी के साथ गठबंधन करने वाले अपने सभी 12 पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही ब्लॉक कांग्रेस की पूरी कार्यकारिणी को भी भंग कर दिया गया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने साफ कहा है कि किसी भी हालत में बीजेपी के साथ समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. जो भी नेता ऐसा करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
मुंबई से लगभग 70 किलोमीटर दूर अंबरनाथ नगर परिषद में एक चौंकाने वाला राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया. यहां बीजेपी ने कांग्रेस के साथ मिलकर शिंदे गुट की शिवसेना को सत्ता से बाहर कर दिया. इस गठबंधन की वजह से नगर परिषद में बीजेपी का नगर अध्यक्ष चुना गया.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी और कांग्रेस के इस गठबंधन को ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ कहा गया है. अंबरनाथ को शिंदे गुट की शिवसेना का मजबूत इलाका माना जाता है. यहां से एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे सांसद हैं. हालिया नगर परिषद चुनाव में 60 सीटों के नतीजे इस प्रकार है-
बीजेपी- 14 सीटें
शिवसेना- 27 सीटें
कांग्रेस- 12 सीटें
एनसीपी- 4 सीटें
निर्दलीय- 2 सीटें
बीजेपी के कांग्रेस के साथ जाने से शिंदे गुट की शिवसेना काफी नाराज है. गुट के विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी कांग्रेस-मुक्त भारत की बात करती है, वही अब कांग्रेस के साथ मिलकर शिवसेना को कमजोर कर रही है. उन्होंने इसे गलत और असहज गठबंधन बताया. सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी कहा कि इस फैसले पर बीजेपी नेताओं को जवाब देना चाहिए.
श्रीकांत शिंदे ने आगे कहा कि बीजेपी और शिवसेना कई सालों से केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर साथ काम कर रहे हैं और यह गठबंधन मजबूत रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि अंबरनाथ में शिवसेना ने सत्ता में रहते हुए विकास कार्य किए हैं और आगे भी शिवसेना विकास को प्राथमिकता देने वालों के साथ खड़ी रहेगी.
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन स्वीकार नहीं है. फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि अंबरनाथ में स्थानीय स्तर पर लिया गया फैसला बदला जाएगा और कांग्रेस के साथ कोई समझौता नहीं रहेगा.