नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के MPs पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनके साथ बदतमीजी करने का आरोप लगाया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा कि स्पीकर बहुत नरम इंसान है, इसलिए कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई.
किरेन रिजिजू ने कहा कि जब लोकसभा स्पीकर के साथ बदतमीजी की जा रही थी तब वहां पर प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल समेत कई अन्य सीनियर कांग्रेस लीडर भी अंदर मौजूद थे. इस दौरान वे रोकने के बजाए उन्हें लड़ने के लिए उकसा रहे थे.
रिजिजू ने कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे स्पीकर के चैंबर में गए और उन्हें गालियां दी और बुरी बातें कहने लगे. वहीं जब स्पीकर की ओर से रूलिंग दिया गया तो कांग्रेस नेताओं ने उसे नहीं माना. वहीं राहुल गांधी ने यह तक कह दिया कि उन्हें किसी की परमिशन की जरूरत नहीं है, वह अपनी मर्जी से बोलेंगे. विपक्षी पार्टियों ने मंगलवार को ओम बिरला को लोकसभा स्पीकर के पद से हटाने के लिए नोटिस दिया.
इसके पीछे उन्होंने स्पीकर पर खुलेआम पार्टीबाजी करने का आरोप लगाया गया. कांग्रेस नेताओं द्वारा यह मांग की गई कि जब तक यह मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक वह सदन की अध्यक्षता न करें. विपक्षी नेताओं ने बिरला पर कांग्रेस सांसदों के खिलाफ झूठे दावे करने का भी आरोप लगाया है, हालांकि BJP ने बिरला के खिलाफ विपक्ष के नोटिस की कड़ी आलोचना की और इसे पार्लियामेंट्री संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश बताया.
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि जिस दिन प्रधानमंत्री को बहस का जवाब देना था उस दिन अगर बीजेपी के एमपीज क कांग्रेस से भिड़ने के लिए छोड़ दिया जाता तो शायद लोकसभा के हालात बिगड़ सकते थे. इस दौरान उन्होंने उस घटना का भी जिक्र किया जिसमें विपक्ष की महिला नेता तीखी बहस के दौरान ट्रेजरी के बेंच के पास जाती नजर आ रही थी.
उन्होंने इस व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इसे समय पर नहीं रोका जाता तो शायद विवाद और भी ज्यादा बढ़ सकता था. इतना ही किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 4 फरवरी को संसद में विपक्ष अपने चरण पर था, जिसकी वजह से प्रधानमंत्री मोशन ऑफ थैंक्स का जवाब नहीं दे पाएं.