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उत्तराखंड से दिल्ली तक ठंड का तांडव, यूपी-बिहार में गलन, कोहरा बना दुश्मन!

उत्तर भारत में शीतलहर का असर लगातार तेज होता जा रहा है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड में तापमान गिरने से ठिठुरन बढ़ गई है.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: उत्तर भारत में सर्दी अब अपने तीखे तेवर दिखाने लगी है. दिसंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है.

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और ठंडी पछुआ हवाओं के कारण शीतलहर का प्रभाव अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है. सुबह के समय कोहरे और रात में तेज ठंड से लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.

दिल्ली-एनसीआर में ठंड का हाल

दिल्ली और एनसीआर में 12 दिसंबर तक मौसम शुष्क बना रहने का अनुमान है. सुबह और रात के समय धुंध और हल्का कोहरा छा सकता है, जिससे दृश्यता प्रभावित होने की आशंका है. अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 6 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है. दिन में हल्की धूप राहत दे रही है, लेकिन सुबह-शाम सर्दी तेज महसूस की जा रही है.

उत्तर प्रदेश में बढ़ी गलन

उत्तर प्रदेश में दिसंबर की शुरुआत के साथ ही ठंड ने रफ्तार पकड़ ली है. रात के समय तापमान तेजी से नीचे जा रहा है, जिससे गलन बढ़ गई है. पछुआ हवाओं के कारण ठिठुरन अधिक महसूस हो रही है. तराई क्षेत्रों में सुबह के समय छिछले से मध्यम कोहरे की स्थिति बन रही है. मौसम विभाग के मुताबिक 11 से 15 दिसंबर के बीच राज्य में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है.

बिहार में ठंडी हवाओं का असर

बिहार में उत्तर-पश्चिम से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड को और तेज कर दिया है. न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है. पटना में पारा 13 डिग्री और गया में 10.6 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ठंडी पछुआ हवाएं अगले 48 घंटे तक चल सकती हैं. इससे सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है.

उत्तराखंड में सूखी ठंड की परेशानी

उत्तराखंड में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है. पर्वतीय और मैदानी इलाकों में दिन के समय चटक धूप निकल रही है, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर है. हालांकि, रात के समय न्यूनतम तापमान गिरने से ठंड बढ़ गई है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश न होने के कारण सूखी ठंड लोगों को परेशान कर रही है, जिससे मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है.

IMD