कोयंबटूर के सरकारी स्कूल में 'जहरीला' भोजन खाने से बिगड़ी 43 छात्रों की हालत, छिपकली गिरने की आशंका
कोयंबटूर के एक सरकारी स्कूल में दोपहर का भोजन करने के बाद 43 छात्र बीमार पड़ गए. खाने में छिपकली मिलने से भोजन के दूषित होने का संदेह है और सभी बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
नई दिल्ली: तमिलनाडु के कोयंबटूर में मंगलवार को एक सरकारी स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल में दिए गए भोजन को खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई. अधिकारियों के मुताबिक मध्याह्न भोजन में छिपकली गिरने के कारण फूड पॉइजनिंग का संदेह जताया जा रहा है. कुल 43 छात्रों को आनन-फानन में सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी देखभाल कर रही है. प्रशासन ने इस पूरी घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.
अस्पताल में भर्ती कराए गए बच्चों में 30 लड़के और 13 लड़कियां शामिल हैं. भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों ने पेट दर्द और घबराहट की शिकायत की थी. स्कूल प्रबंधन ने बिना समय गंवाए स्थानीय प्रशासन को सूचित किया, जिसके बाद बच्चों को मेडिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया. राहत की बात यह है कि सभी प्रभावित छात्रों की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है और वे उपचार के प्रति अच्छी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
छिपकली गिरने से हुआ दूषित
कोयंबटूर सिटी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (CCMC) के कमिश्नर एम शिवगुरु प्रभाकरण ने बताया कि भोजन संभवतः छिपकली गिरने के कारण दूषित हुआ था. उन्होंने स्वयं अस्पताल का दौरा किया और बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. कमिश्नर ने पीड़ित बच्चों के परिवारों को आश्वासन दिया है कि अस्पताल में उनके बच्चों को हर संभव चिकित्सा सहायता दी जा रही है. अधिकारियों ने इसे सुरक्षा मानकों की बड़ी चूक माना है और जवाबदेही तय करने की बात कही है.
डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात
कमिश्नर प्रभाकरण के अनुसार अस्पताल में भर्ती सभी 43 छात्र फिलहाल खतरे से बाहर हैं. उनकी स्थिति पर करीब से नजर रखने के लिए 5 डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित की गई है. डॉक्टरों की सलाह पर छात्रों को आज रात 9 बजे तक मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा. बच्चों के शरीर में संक्रमण के स्तर की जांच की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि पूरी तरह स्वस्थ होने की पुष्टि के बाद ही बच्चों को छुट्टी मिलेगी.
स्कूल की रसोई की होगी जांच
इस घटना के बाद नगर निगम आयुक्त ने कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि स्कूल की रसोई का व्यापक निरीक्षण किया जाएगा. यह जांचा जाएगा कि भोजन पकाते समय स्वच्छता के नियमों का पालन किया गया था या नहीं. जांच में लापरवाही के सबूत मिलते ही जिम्मेदार कर्मचारियों और एजेंसी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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