तमिलनाडु में स्वतंत्रता दिवस से पहले राजनीतिक तनातनी एक बार फिर सामने आई है. मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और उनकी सरकार ने राज्यपाल आर. एन. रवि के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए यह तय किया है कि वे राज्यपाल द्वारा आयोजित आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग नहीं लेंगे.
गुरुवार को जारी बयान में राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री स्टालिन 15 अगस्त को होने वाली राज्यपाल की पारंपरिक चाय पार्टी में हिस्सा नहीं लेंगे. सरकार का कहना है कि यह कदम राज्यपाल रवि के उस रुख के खिलाफ है, जिसे वे तमिलनाडु की जनता के हितों के विपरीत मानते हैं. इससे पहले भी राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखा गया है.
सरकार ने यह भी घोषणा की कि उच्च शिक्षा मंत्री राज्यपाल की मौजूदगी में होने वाले दो राज्य विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे. सरकार का कहना है कि यह फैसला भी उसी विरोध का हिस्सा है, जो राज्यपाल की कार्यशैली और नीतियों के खिलाफ दर्ज किया जा रहा है. यह घटनाक्रम राज्यपाल और सरकार के बीच बढ़ते राजनीतिक मतभेदों को और स्पष्ट करता है.
TN Higher Education Minister will boycott convocation ceremonies of 2 state varsities to oppose Governor Ravi: Govt.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 14, 2025
Governor Ravi, with an intent to cause delay, sent Assembly Bill to set up Kalaignar University to President: TN Govt. pic.twitter.com/xUBigXDAoN
गौरतलब है कि तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले की मनोनमनियम सुंदरनार यूनिवर्सिटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में पीएचडी की छात्रा जीन जोसेफ ने राज्यपाल आर.एन. रवि से अपनी डिग्री लेने से इंकार कर दिया था. छात्रा का कहना था कि राज्यपाल की नीतियां और कार्य तमिल हितों के विरुद्ध रहे हैं. इस फैसले से सभागार में मौजूद लोग हैरान रह गए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया.
वीडियो में देखा जा सकता है कि दीक्षांत समारोह में जीन जोसेफ को डिग्री लेने के लिए बुला जाता है, लेकिन वे मंच पर पहुंचकर राज्यपाल के बजाय कुलपति की ओर तरफ चली गईं. और उन्होंने वहीं खड़े होकर कुलपति से डिग्री ली.