Kathua Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बादल फटने से तबाही, सुदूर गांव का टूटा कनेक्शन; सात लोगों की मौत
कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शनिवार को बादल फटने से प्रभावित चिसोती गाँव का दौरा किया और बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों की बचाव टीमों के साथ अब तक किए गए उपायों पर विस्तृत चर्चा की.
Jammu and Kashmir Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के एक सुदूर गांव में रात भर हुई भारी बारिश के बीच बादल फटने से सात लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए. पुलिस और एसडीआरएफ की एक संयुक्त टीम गांव पहुंच गई है और बचाव कार्य में जुटी है. कठुआ जिले के राजबाग क्षेत्र में जोड़ घाटी में शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि में बादल फटने से गांव तक पहुंच बाधित हो गई तथा जमीन और संपत्ति को कुछ नुकसान पहुंचा.
कठुआ थाना क्षेत्र के बागड़ और चांगडा गांवों और लखनपुर थाना क्षेत्र के दिलवान-हटली गांवों में भी भूस्खलन हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का अभी आकलन किया जाना बाकी है.
बचाने के लिए अभियान जारी
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 14 अगस्त को अचानक आई बाढ़ में 60 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं और 82 लोग लापता बताए जा रहे हैं. वार्षिक मचैल माता यात्रा का आधार शिविर, चोसिटी गाँव, गुरुवार दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच जब आपदा आई, तब तीर्थयात्रियों से भरा हुआ था. प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को बचाने के लिए अभियान जारी है.
Also Read
- दहीहांडी कार्यक्रम में बाल-बाल बचे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, टूटा स्टेज, हो जाता बड़ा हादसा
- Astronaut Shubhanshu Shukla: दिल्ली पहुंचे भारत के अंतरिक्ष नायक शुभांशु शुक्ला, एयरपोर्ट पर स्वागत करने पहुंची CM और केंद्रीय मंत्री
- India-US Relation: भारत नहीं आएगी यूएस डेलिगेशन टीम! व्यापार वार्ता पर संकट गहराया, टैरिफ पर टेंशन बरकरार
तबाही ही तबाही
भूस्खलन और मलबे के साथ आई बाढ़ ने घरों, दुकानों और वाहनों को तहस-नहस कर दिया, जिससे कई लोग हताहत हुए और कई लोग लापता हो गए. अचानक आई बाढ़ ने एक सुरक्षा शिविर और बस स्टैंड पर खड़े कई वाहनों को भी बहा दिया. बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के बीचों-बीच स्थित एक मंदिर चमत्कारिक रूप से बच गया.जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शनिवार को बादल फटने से प्रभावित चिसोती गाँव का दौरा किया और बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों की बचाव टीमों के साथ अब तक किए गए उपायों पर विस्तृत चर्चा की.
जल स्तर में तीव्र वृद्धि
भारी बारिश के कारण ज़्यादातर जलाशयों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ गया है और उझ नदी ख़तरे के निशान के पास बह रही है. अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन हालात पर कड़ी नजर रखे हुए है और लोगों से जलाशयों से दूर रहने की अपील की है.