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CAA से मिलने लगी नागरिकता, पहली बार सर्टिफिकेट के साथ सामने आए लोग

CAA Grants first Set of Citizenship Documents: इस साल लागू होने वाले नागरिकता संशोधन कानून को लेकर केंद्र सरकार ने पहले 14 लोगों की लिस्ट जारी कर दी है जिन्हें इस कानून के तहत भारतीय नागरिकता दी गई है.

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CAA से मिलने लगी नागरिकता, पहली बार सर्टिफिकेट के साथ सामने आए लोग
Courtesy: ANI

Centre issues first set of citizenship certificates: गृह मंत्रालय ने बुधवार को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत 14 लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे.  नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के नियमों को अधिसूचित करने के दो महीने से अधिक समय बाद, गृह मंत्रालय ने आज 14 व्यक्तियों को कानून के तहत नागरिकता प्रमाणपत्र का पहला सेट जारी किया.

केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने आवेदकों को प्रमाण पत्र सौंपे. केंद्र ने 11 मार्च को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के नियमों को अधिसूचित किया, जिससे दिसंबर 2019 में संसद की ओर से पारित होने के चार साल से अधिक समय बाद विवादास्पद कानून के लागू होने का रास्ता साफ हो गया.

एमएचए प्रवक्ता ने एक बयान में कहा,'निदेशक (जनगणना संचालन), दिल्ली की अध्यक्षता में अधिकार प्राप्त समिति, दिल्ली ने उचित जांच के बाद 14 आवेदकों को नागरिकता देने का फैसला किया है. जिसके बाद निदेशक (जनगणना संचालन) ने इन आवेदकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए.'

प्रवक्ता ने कहा,'नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 की अधिसूचना के बाद नागरिकता प्रमाणपत्रों का पहला सेट आज जारी किया गया. भल्ला ने नई दिल्ली में कुछ आवेदकों को नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे और आवेदकों को बधाई भी दी और नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 की मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डाला.'

नागरिकता (संशोधन) विधेयक, जिसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों - लेकिन मुसलमानों को नहीं - को भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की मांग की गई है.  

9 दिसंबर, 2019 को लोकसभा से और दो दिन बाद राज्यसभा की ओर से इसे पारित किया गया था. इसे 12 दिसंबर, 2019 को राष्ट्रपति की सहमति मिली. कानून पारित होने के तुरंत बाद, देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. चार साल पहले कानून बनने के बावजूद नियमों को अधिसूचित नहीं किए जाने के कारण सीएए को लागू नहीं किया जा सका था.