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केंद्र सरकार ने 13 हजार करोड़ की 5 परियोजनाओं को दी मंजूरी, बिहार से बंगाल तक बदलेगा कनेक्टिविटी का नक्शा

केंद्र सरकार ने रेल और सड़क ढांचे को मजबूत करने के लिए पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इनमें चार रेलवे मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट और बिहार का फोर लेन हाईवे शामिल हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
केंद्र सरकार ने 13 हजार करोड़ की 5 परियोजनाओं को दी मंजूरी, बिहार से बंगाल तक बदलेगा कनेक्टिविटी का नक्शा
Courtesy: ai generated

केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले से देश के कई हिस्सों में रेल और सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है. करीब 13,041 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और बिहार शामिल हैं. सरकार का जोर यात्री सुविधा के साथ माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने पर भी है.

रेल नेटवर्क के विस्तार पर बड़ा जोर

मंत्रिमंडल ने चार रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इनका कुल अनुमानित खर्च करीब 9,450 करोड़ रुपये होगा और इनके तहत लगभग 410 किलोमीटर रेल लाइन का विस्तार किया जाएगा. परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के आठ जिलों से गुजरेंगी. इन्हें वित्त वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

हावड़ा-चेन्नई रूट होगा और मजबूत

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक चार में से तीन परियोजनाएं हावड़ा-चेन्नई मुख्य रेल मार्ग से जुड़ी हैं. इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर लाइन बढ़ाने और चौगुनी व्यवस्था विकसित करने का काम होगा. इससे एक ही समय में अधिक ट्रेनों का संचालन संभव होगा. माल ढुलाई को भी फायदा मिलेगा और रखरखाव के दौरान ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना कम होगी.

बिहार को मिलेगा चार लेन हाईवे

बिहार के लिए भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है. मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा के बीच एनएच-22 के 82.578 किलोमीटर हिस्से को चार लेन में विकसित किया जाएगा. इस परियोजना पर 3,590.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे. हाइवे मुजफ्फरपुर को सीतामढ़ी के रास्ते नेपाल सीमा के करीब सोनबरसा से जोड़ेगा. परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत लागू किया जाएगा.

कनेक्टिविटी बढ़ने से मिलेंगे कई फायदे

रेलवे और हाईवे से जुड़े इन पांच फैसलों की कुल लागत 13,041 करोड़ रुपये है. सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं का मकसद देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है. बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ उद्योगों और कारोबार को फायदा मिलेगा, जबकि बिहार में नया चार लेन मार्ग सीमावर्ती क्षेत्र और प्रमुख शहरों के बीच आवागमन को आसान बना सकता है.