केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, बाली ट्रिप से पहले सिया की हरकतों का कैब ड्राइवर ने किया चौंकाने वाला खुलासा

केतन अग्रवाल हत्याकांड में कैब ड्राइवर ने दावा किया है कि मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने से पहले सिया गोयल ने एक्सप्रेसवे पर गाड़ी रुकवाकर डिक्की से अपने पर्स में रखी एक अज्ञात वस्तु निकाली थी. पुलिस लापता पासपोर्ट को कथित साजिश का अहम हिस्सा मान रही है.

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Km Jaya

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक नया मोड़ सामने आया है. पुणे से मुंबई एयरपोर्ट तक केतन अग्रवाल और मुख्य आरोपी सिया गोयल को लेकर जाने वाले कैब ड्राइवर ने दावा किया है कि रास्ते में सिया गोयल ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गाड़ी रुकवाई, डिक्की खुलवाई और अपने पर्स से एक अज्ञात वस्तु निकाली. यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब पुलिस केतन के लापता पासपोर्ट को कथित साजिश का अहम हिस्सा मानकर जांच कर रही है.

कैब ड्राइवर वैभव जाधव के अनुसार, उसने सुबह करीब 10 बजे पुणे से यात्रियों को लिया. उसने दावा किया कि शुरुआत में सिया गोयल कैब में बैठने को तैयार नहीं थीं और उनके भाई साहिल ने उन्हें गाड़ी में बैठाया. इसके बाद रावेत से केतन अग्रवाल भी कैब में सवार हुए.

ड्राइवर ने और क्या बताया?

ड्राइवर के मुताबिक मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सिया ने चाय पीने के लिए एक फूड मॉल पर गाड़ी रुकवाई. करीब 10 मिनट बाद लौटकर उन्होंने डिक्की खोलने को कहा. वैभव जाधव का दावा है कि सिया ने डिक्की के पास रखे अपने पर्स से कुछ निकाला. हालांकि उन्होंने यह नहीं देखा कि वह वस्तु क्या थी.


ड्राइवर ने बताया कि मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के कुछ मिनट बाद उसे फोन आया कि एक छोटा बैग कैब में रह गया है. उसने वापस जाकर बैग लौटा दिया. इसके कुछ देर बाद फिर कॉल आया कि केतन का पासपोर्ट कैब में रह गया है. ड्राइवर ने वाहन की जांच की, वीडियो कॉल पर भी पूरी कैब दिखाई, लेकिन पासपोर्ट नहीं मिला. बाद में साहिल और केतन ने खुद भी कैब की तलाशी ली, फिर भी पासपोर्ट नहीं मिला.

कैब ड्राइवर ने यह भी दावा किया कि पुणे से रावेत तक सफर के दौरान सिया और उनके भाई साहिल के बीच लगातार बहस होती रही. हालांकि उसने यह भी कहा कि उसे यह जानकारी नहीं है कि सिया ने डिक्की से आखिर क्या निकाला था.

पुलिस का क्या है कहना?

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में केतन अग्रवाल का पासपोर्ट गायब होना एक बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है. जांच एजेंसियों का आरोप है कि सिया गोयल ने कथित रूप से केतन का पासपोर्ट गायब कर दिया था, जिससे उनकी बाली यात्रा रद्द हो गई. इसके बाद 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन की मौत हो गई. पुलिस इस मामले को हत्या की साजिश के रूप में जांच रही है.

रविवार को पुलिस सिया गोयल को लोहागढ़ किले लेकर पहुंची, जहां डमी की मदद से घटनास्थल का पुनर्निर्माण किया गया. पुलिस ने उस स्थान पर पूरी घटना को दोहराया, जहां से केतन के गिरने की बात सामने आई थी. इस बीच केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने लोगों से अपील की है कि 18 जून को लोहागढ़ किले पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी आगे आकर जांच में सहयोग करें.

ध्यान देने वाली बात यह है कि कैब ड्राइवर के दावे जांच का हिस्सा हैं. इनकी पुष्टि अभी अदालत में नहीं हुई है और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.