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हरमनप्रीत की कप्तानी पर सस्पेंस! फ्लॉप विश्व कप के बाद कोच अमोल मुजुमदार ने दिया चौंकाने वाला जवाब

महिला टी20 विश्व कप 2026 से भारत के बाहर होने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर के भविष्य पर चर्चा तेज हो गई है. मुख्य कोच अमोल मुजुमदार और पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है.

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Meenu Singh

महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का अभियान उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा. लगातार दूसरी बार टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी, जिसके बाद कप्तानी और टीम की रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे. हालांकि इस मुश्किल दौर में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर को टीम प्रबंधन और पूर्व खिलाड़ियों का समर्थन मिला है. मुख्य कोच अमोल मुजुमदार ने स्पष्ट किया कि उनकी नजर में हरमनप्रीत अब भी टीम का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त हैं.

ग्रुप स्टेज में खत्म हुआ सफर

ग्रुप ए के अहम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से हार के बाद भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई. इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में जगह बना ली. मुकाबले में एलिस पेरी और एशले गार्डनर की शतकीय साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया की जीत की मजबूत नींव रखी.

हार के बावजूद कोच ने जताया कप्तान पर भरोसा

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम को कोच अमोल मुजुमदार से हरमनप्रीत की कप्तानी को लेकर सवाल पूछा गया. जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला चयनकर्ताओं का होगा, लेकिन उनकी राय में हरमनप्रीत कौर को कप्तान बने रहना चाहिए. कोच का यह बयान टीम के अंदर उनके भरोसे को दर्शाता है.


अंजुम चोपड़ा ने भी किया समर्थन

पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंजुम चोपड़ा ने भी हरमनप्रीत का खुलकर समर्थन किया. उनका मानना है कि मौजूदा समय में भारतीय महिला टीम का नेतृत्व करने के लिए हरमनप्रीत से बेहतर विकल्प मौजूद नहीं है. उन्होंने कहा कि कप्तानी बदलने के बजाय टीम के खेल के तरीके पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है.

अंजुम चोपड़ा ने कहा कि भारतीय टीम को टी20 क्रिकेट की मांग के अनुसार ज्यादा निडर और आक्रामक बल्लेबाजी करनी होगी. उनके अनुसार महिला प्रीमियर लीग में खिलाड़ी जिस आत्मविश्वास के साथ खेलती हैं, वही रवैया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखना चाहिए.

अब भविष्य की तैयारी पर रहेगा फोकस

विश्व कप से जल्दी बाहर होने के बाद भारतीय टीम के सामने आत्ममंथन की चुनौती है. टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की नजर अब आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी पर रहेगी. साथ ही युवा खिलाड़ियों को निखारने और टीम के प्रदर्शन में निरंतरता लाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा.