Xi Jinping Security: शी जिनपिंग अपने साथ लाए ‘चलता-फिरता किला’, जानें कौन-कौन आया साथ?
Xi Jinping Security: ब्रिक्स समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी भारत पहुंच गए. चलिए जानते हैं जिनपिंग की सिक्योरिटी का ख्याल कैसे रखा गया है.
Xi Jinping Security: ब्रिक्स समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी भारत पहुंच गए. उनका विमान पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा. करीब सात साल बाद चीनी राष्ट्रपति भारत आए हैं, जिसे कूटनीतिक नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है. जिनपिंग ब्रिक्स के 18वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच होने वाली मुलाकात पर भी पूरी दुनिया की नजर है. दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में सीमा विवाद के कारण तनाव रहा है, लेकिन हाल के समय में रिश्तों को बेहतर बनाने के प्रयास किए गए हैं. हालांकि, जिनपिंग की भारत यात्रा केवल कूटनीति के कारण ही चर्चा में नहीं है. बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए दिल्ली में कई दिन पहले से ही बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई थीं.
जिनपिंग की खास कार ने खींचा ध्यान:
चीनी राष्ट्रपति की भारत यात्रा में उनकी खास कार भी चर्चा का विषय बनी हुई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, जिनपिंग के लिए चीन की Hongqi N701 आर्मर्ड लिमोजिन का इस्तेमाल किया गया है. बता दें कि यह कोई नॉर्मल लग्जरी कार नहीं है. इसे चीन के टॉप नेतृत्व की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
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रिपोर्ट्स में इस कार में मजबूत सुरक्षा कवच, बुलेटप्रूफ ग्लास और अन्य सुरक्षा सुविधाएं होने की बात कही गई है. यानी दिल्ली की सड़कों पर दिखाई देने वाली यह कार सिर्फ एक वीआईपी वाहन नहीं है, बल्कि चीन के राष्ट्रपति के लिए तैयार किया गया विशेष सुरक्षा वाहन है.
अकेले नहीं आए जिनपिंग:
जिनपिंग इस यात्रा पर अकेले नहीं आए हैं. उनके साथ चीन के वरिष्ठ अधिकारी भी भारत पहुंचे हैं. इनमें कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य और केंद्रीय कार्यालय के निदेशक कै क्यूई तथा पोलित ब्यूरो सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी शामिल हैं. चीन से एक कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के आने की भी जानकारी है.
जिनपिंग के दिल्ली पहुंचने से पहले ही चीन की विशेष सुरक्षा टीम राजधानी में पहुंच गई थी. टीम ने राष्ट्रपति के ठहरने और कार्यक्रम से जुड़े स्थानों पर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया. विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा में आमतौर पर मेजबान देश की सुरक्षा एजेंसियों के साथ संबंधित देश की अपनी सुरक्षा टीम भी तालमेल करती है. कार्यक्रम के दौरान भी भारतीय और विदेशी सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है.
एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा घेरा:
चीनी राष्ट्रपति की सुरक्षा सिर्फ उनके होटल तक सीमित नहीं है. एयरपोर्ट से होटल और फिर सम्मेलन स्थल तक उनके आने-जाने को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारी की है. जिनपिंग के संभावित आवागमन वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को पहले से परखा गया. उनके काफिले के दौरान दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी भूमिका रहेगी.
जिनपिंग का काफिला भी होगा बेहद खास:
शी जिनपिंग जैसे शीर्ष नेता का काफिला सामान्य VIP काफिले से काफी बड़ा और व्यवस्थित होता है. इसमें मुख्य वाहन के अलावा सुरक्षा वाहन, पुलिस एस्कॉर्ट, कम्यूनिकेशन सिस्टम और अन्य सपोर्ट वाहन शामिल हो सकते हैं. ब्रिक्स समिट के दौरान चीनी राष्ट्रपति और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जैसे बड़े नेताओं के काफिलों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किया गया है.
होटल और आसपास के इलाके पर भी नजर:
राष्ट्राध्यक्ष की सुरक्षा में सिर्फ जमीन पर मौजूद खतरे ही नहीं, बल्कि आसपास के पूरे इलाके पर नजर रखना जरूरी होता है. इसलिए जिनपिंग के ठहरने वाले होटल और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है. रिपोर्ट्स में उनके होटल के आसपास अतिरिक्त निगरानी और विशेष सुरक्षा जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, सुरक्षा कारणों से सुरक्षा एजेंसियां ऐसे इंतजामों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं करतीं.
आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा क्यों?
शी जिनपिंग चीन के राष्ट्रपति होने के साथ-साथ देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व का हिस्सा हैं. इसलिए उनकी विदेश यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल बेहद सख्त होता है. भारत और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों में सीमा विवाद को लेकर तनाव रहा है. हालांकि, दोनों देशों के बीच बातचीत के जरिए रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशें भी चल रही हैं. ऐसे समय में जिनपिंग की भारत यात्रा का महत्व और बढ़ जाता है.