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'कांग्रेस मुस्लिम लीग के आगे झुक गई', वंदे मातरम पर शशि थरूर ने उठाए सवाल तो बीजेपी ने लगा दी क्लास

राष्ट्रगीत वंदे मातरम् पर कांग्रेस नेता शशि थरूर की टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने उन पर तीखा हमला बोला है. भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस केरल में अपनी सहयोगी मुस्लिम लीग के दबाव में झुक गई है.

shashi tharoor and shehzad poonawalla
Kanhaiya Kumar Jha

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर द्वारा राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को लेकर दिए गए एक बयान ने एक नया बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. इस टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेतृत्व को आड़े हाथों लिया है. विपक्ष की इस राजनीति को भाजपा ने तुष्टीकरण और राष्ट्रीय गौरव के साथ खिलवाड़ करार दिया है.

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विभिन्न आधिकारिक और सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत या समापन के दौरान वंदे मातरम् के सभी पांच अंतरों (छंदों) को गाए जाने की अनिवार्यता पर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए. उन्होंने इस तरह की स्थापित परंपरा को अनावश्यक रूप से थोपा गया कदम बताया था.

भाजपा का कांग्रेस पर सीधा पलटवार

शशि थरूर की इस विवादास्पद टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने निशाना साधा. उन्होंने एक्स पर एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर कांग्रेस को राष्ट्र विरोधी मानसिकता वाली पार्टी बताया. पूनावाला ने कहा कि पूरे वंदे मातरम् गीत का विरोध करके कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसके मन में देश के राष्ट्रीय सम्मान के प्रति कोई आदर भाव नहीं है.


नेहरू और जिन्ना के दौर का जिक्र

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की यह सोच बिल्कुल नई नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी मोहम्मद अली जिन्ना के राजनीतिक दबाव में आकर ही मूल वंदे मातरम् गीत को सिर्फ दो अंतरों तक सीमित कर दिया था. पूनावाला के अनुसार, उस दौर में भी तुष्टीकरण की नीति के तहत बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई थी.

मुस्लिम लीग के दबाव का आरोप

शहजाद पूनावाला ने अपने बयान में केरल की क्षेत्रीय राजनीति का भी उल्लेख किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज केरल में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर अपनी मजबूत सहयोगी मुस्लिम लीग के वैचारिक दबाव के आगे पूरी तरह नतमस्तक हो चुकी है. इसी राजनीतिक मजबूरी और खास वोट बैंक को खुश रखने की चाहत के कारण कांग्रेस के बड़े नेता आज भी राष्ट्रगीत के पूरे संस्करण को स्वीकार करने से कतरा रहे हैं.

तुष्टीकरण की राजनीति पर तीखे सवाल

भाजपा ने समाजवादी पार्टी के अबू आजमी और आरिफ मसूद जैसे नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस जिन वर्गों को खुश करने की कोशिश करती है, वे इसके दो अंतरों को भी स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं. सत्ताधारी दल ने कहा कि राष्ट्रगीत में छह अंतरे शामिल हैं और इसे पूरा गाना हर नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए. फिलहाल इस बयानबाजी के बाद दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.