बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित, जानिए पार्टी को कब मिलेगा फुल टाइम प्रेसिडेंट?
भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है. नामांकन 19 जनवरी को होंगे और परिणाम 20 जनवरी को आएंगे. चुनाव निर्विरोध होने की पूरी संभावना है.
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को लेकर औपचारिक ऐलान कर दिया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और चुनाव अधिकारी के लक्ष्मण द्वारा जारी अधिसूचना में पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी गई है. मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल समाप्ति की ओर है और पार्टी नेतृत्व में बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में लंबे समय से चर्चा चल रही थी. अब तय समयसीमा के साथ यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
बीजेपी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन 19 जनवरी को दाखिल किए जाएंगे. नामांकन का समय दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक निर्धारित किया गया है. इसके तुरंत बाद 4 बजे से 5 बजे के बीच नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. अगर किसी उम्मीदवार को नाम वापस लेना है तो उसके लिए शाम 5 बजे से 6 बजे तक का समय तय किया गया है.
20 जनवरी को हो सकता है ऐलान
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि अगर एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं तो 20 जनवरी को चुनाव कराया जाएगा. हालांकि, अगर केवल एक ही नामांकन वैध पाया जाता है तो उसी दिन परिणाम की घोषणा कर दी जाएगी. पार्टी सूत्रों का मानना है कि इस बार भी अध्यक्ष का चयन निर्विरोध हो सकता है, जैसा कि पिछले दो चुनावों में देखने को मिला था.
नड्डा और शाह का रहा निर्विरोध चयन
बीजेपी में परंपरा रही है कि शीर्ष पदों पर सहमति से नेतृत्व चुना जाता है. मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा और उनसे पहले अमित शाह भी निर्विरोध चुने गए थे. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इससे संगठन में एकजुटता और स्थिरता बनी रहती है. इसी परंपरा को इस बार भी आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है.
नितिन नवीन सबसे मजबूत दावेदार
पार्टी के नए कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन को अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें तेज हैं. नितिन नवीन बीजेपी के दूसरे कार्यकारी अध्यक्ष हैं और अगर उन्हें यह जिम्मेदारी मिलती है तो वे पार्टी के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे. हालांकि पार्टी संविधान में कार्यकारी अध्यक्ष का पद अनिवार्य नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में इसे नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी के तौर पर देखा गया है.
भविष्य की रणनीति पर नजर
बीजेपी का यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हो रहा है जब पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों और भविष्य की राष्ट्रीय राजनीति की रणनीति तय कर रही है. नए अध्यक्ष के सामने संगठन को मजबूत करने, युवा नेतृत्व को आगे लाने और चुनावी मशीनरी को धार देने की चुनौती होगी. ऐसे में 20 जनवरी को होने वाला ऐलान पार्टी की दिशा और प्राथमिकताओं का संकेत भी देगा.